नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने मतदाता सूची के जारी पुनरीक्षण के दौरान ‘पिछले एसआईआर से मिलान (मैपिंग) नहीं होने’ और अन्य ‘विसंगतियों’ को लेकर नोटिस पाने वाले मतदाताओं के चार लाख से अधिक मामलों में सुनवाई की है। यह जानकारी अधिकारियों ने मंगलवार को दी।
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय के अनुसार, अब तक ऐसे 4,01,670 मामलों में सुनवाई पूरी की जा चुकी है।
इकत्तीस अगस्त को प्रकाशित मतदाता सूची के मसौदे में 97 लाख से अधिक मतदाता शामिल थे। इनमें से 33.13 लाख मतदाताओं को उनके गणना प्रपत्रों में ‘विसंगतियों’ को लेकर नोटिस जारी किए गए थे। इनमें ऐसे मामले भी शामिल थे, जहां उनके विवरण का 2002 में हुए पिछले एसआईआर के दौरान तैयार मतदाता सूची से मिलान नहीं हो पाया था।
निर्वाचन कार्यालय ने दोहराया कि नोटिस जारी होने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा। उसने कहा कि मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने और नोटिस का जवाब देने का अवसर दिया जाएगा।
सीईओ कार्यालय ने कहा, ‘उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना मसौदा मतदाता सूची से कोई नाम नहीं हटाया जाएगा। संबंधित व्यक्तियों को अपना पक्ष रखने और अपील करने का अवसर दिया जाएगा।’
उसने कहा कि नोटिस का निपटारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार किया जाएगा और प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
मतदाताओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए अब बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) को निर्देश दिया गया है कि वे ‘अनमैप्ड’ और तार्किक विसंगति वाले मामलों में नोटिस पाने वाले मतदाताओं के घर जाकर आवश्यक दस्तावेज एकत्र करें।
सीईओ कार्यालय ने कहा कि दस्तावेजों को ईसीआईनेट पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और निर्णय के लिए निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) के समक्ष रखा जाएगा। उसने कहा कि ऐसे मतदाताओं को ईआरओ या सहायक ईआरओ कार्यालय में सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं होना पड़ेगा।
उसने कहा, ‘‘केवल विशेष परिस्थितियों में, जैसा कि ईआरओ तय करेंगे, सुनवाई अधिमानतः ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी।’’
नोटिस पाने वाले प्रमुख मतदाताओं में पूर्व उप प्रधानमंत्री एल के आडवाणी, विदेश मंत्री एस जयशंकर, पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, निर्वाचन आयुक्त एस एस संधू और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल थे।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से अधिकतर मतदाताओं के विवरण का क्षेत्रीय सत्यापन के माध्यम से सत्यापन किया जा चुका है और उनके नाम अंतिम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए सुरक्षित रखे गए हैं।
दिल्ली निर्वाचन कार्यालय ने मंगलवार को युवा मतदाताओं के नामांकन की सुविधा के लिए कॉलेज, विश्वविद्यालयों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में विशेष शिविर आयोजित किए। ये शिविर बुधवार को भी जारी रहेंगे, जहां बूथ स्तरीय अधिकारी छात्रों को फॉर्म भरने और जमा करने में मदद करेंगे तथा एसआईआर से जुड़े उनके सवालों का जवाब देंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार, युवा मतदाताओं के लिए विशेष शिविरों का अगला दौर सात और आठ अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। वहीं सभी श्रेणी के मतदाताओं के लिए विशेष शिविर चार और 11 अक्टूबर को मतदान केंद्रों पर लगाए जाएंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार, जिन लोगों की उम्र एक अक्टूबर तक 18 वर्ष हो रही है, वे मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 में आवेदन कर सकते हैं।
निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को दिल्ली के एसआईआर कार्यक्रम में संशोधन किया था। नये कार्यक्रम के अनुसार, दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि 30 अक्टूबर तक जारी रहेगी, जबकि नोटिस जारी करने और दावों एवं आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 30 नवंबर तक चलेगी।
अंतिम मतदाता सूची चार दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
भाषा अमित सुरेश
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