पहलगाम में मारे गए शख्स की बेटी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई का समर्थन किया

पहलगाम में मारे गए शख्स की बेटी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई का समर्थन किया

पहलगाम में मारे गए शख्स की बेटी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई का समर्थन किया
Modified Date: April 22, 2026 / 02:22 pm IST
Published Date: April 22, 2026 2:22 pm IST

कोच्चि, 22 अप्रैल (भाषा) पहलगाम आतंकी हमले में जान गवांने वाले 26 पर्यटकों में शामिल एन रामचंद्रन की बेटी आरती आर मेनन ने बुधवार को कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई पर बहुत गर्व है।

उन्होंने यहां इडापल्ली में आयोजित अपने पिता की स्मृति सभा में शामिल होते हुए आरोप लगाया कि पहलगाम की घटना ‘हिंदुओं को निशाना बनाकर’ किया गया एक आतंकी हमला था, जिसका उद्देश्य देश भर में दंगे भड़काकर भारत को विभाजित करना था।

आरती ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘लेकिन, हम अभी भी मजबूती और एकजुटता के साथ खड़े हैं। यही हमारा जवाब है। एक साल बाद यहां खड़े होकर मुझे महसूस होता है कि भारत ने कड़ा जवाब दिया है। पूरी दुनिया को भी इस बारे में पता है।’

रामचंद्रन (65 ) अपनी पत्नी, बेटी और पोते-पोतियों के साथ कश्मीर में छुट्टियां मना रहे थे और इसी दौरान आतंकवादियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी। इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया था, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू की थी।

आरती अपने पिता की हत्या के दौरान मौके पर मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि भारत ने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त न करने की निति अपनाई है तथा भारत का खून बहाने की पाकिस्तान की कोशिश नाकाम रही।

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और ‘ऑपरेशन महादेव’ के जरिए भारत की कड़ी प्रतिक्रिया पर मैं यहां एक गौरवान्वित भारतीय के रूप में खड़ी हूं।’

पिछले वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए एक आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से अधिकांश पर्यटक थे।

भाषा प्रचेता वैभव

वैभव


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