गुना, 31 जुलाई (भाषा) मध्यप्रदेश के गुना जिले के एक संरक्षित वन क्षेत्र में मृत तेंदुआ मिला जिसका सिर गायब था, ऐसे में वन विभाग को आशंका है कि उसके दांत और नाखून निकालने के उद्देश्य से संभवत: उसका शिकार किया गया।
वन विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय से लगभग 45 किलोमीटर दूर गुना उत्तर वन मंडल के भदौरा उप-परिक्षेत्र स्थित आगरा-हांसली वन क्षेत्र में मृत तेंदुआ देखा, जिसके बाद विभाग को सूचना दी गई।
शिवपुरी रेंज के मुख्य वन संरक्षक आदर्श श्रीवास्तव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘तेंदुए का सिर गायब था और उसके पंजे भी काटे गए थे। कई मामलों में शिकारी दांत और नाखून हासिल करने के लिए तेंदुओं का शिकार करते हैं। प्रथम दृष्टया यह मामला शिकार का प्रतीत होता है, हालांकि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।’’
उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए खोजी कुत्तों की सहायता ली जा रही है। इसके अलावा आसपास के गांवों के लोगों तथा वन्यजीव अपराध से जुड़े पुराने मामलों में संदिग्ध रहे व्यक्तियों से भी पूछताछ की जा रही है।
यह भी आशंका जताई गई कि तेंदुए को किसी अन्य स्थान पर मारा गया और बाद में उसे यहां लाकर फेंक दिया गया।
उन्होंने कहा कि मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए पोस्टमार्टम तथा फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है।
फरवरी 2024 में जारी ‘स्टेटस ऑफ लेपर्ड्स इन इंडिया 2022’ रिपोर्ट के अनुसार, मध्यप्रदेश में देश में सबसे अधिक 3,907 तेंदुए हैं। इसके बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक का स्थान है।
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत तेंदुए का शिकार गैर-जमानती अपराध है, जिसके लिए कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।
भाषा सं दिमो खारी
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