कोविड के बाद पहली बार राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं के कारण मौतों में कमी आई
कोविड के बाद पहली बार राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं के कारण मौतों में कमी आई
नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों में कोविड-19 महामारी के बाद पहली बार कमी आई है और 2025 में ऐसी मौतों की संख्या चार प्रतिशत घट कर 62,122 हो गई।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 2024 और 2023 में राष्ट्रीय राजमार्गों पर दुर्घटना में हुई मौतों की संख्या क्रमशः 64,772 और 63,112 थी।
वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या 5.30 प्रतिशत बढ़कर 5.13 लाख से अधिक हो गई, जिसके परिणामस्वरूप हर घंटे औसतन 21 लोगों की मौत हुई।
गडकरी ने कहा कि कैलेंडर वर्ष 2025 के दौरान देश भर के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस विभागों द्वारा कुल 5,13,563 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 1,83,382 लोगों की जान चली गई।
रिपोर्ट के अनुसार तमिलनाडु में 2025 में सबसे अधिक 71,387 दुर्घटनाएं हुईं, जबकि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 27,550 लोगों की दुर्घटनाओं में मौत हुई।
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच) के विकास और रखरखाव के लिए जिम्मेदार है।
उन्होंने एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुछ हिस्सों को ‘‘ब्लैक स्पॉट’’ के रूप में पहचाना गया है, जहां अधिक दुर्घटनाएं होती हैं।
गडकरी ने कहा कि इन हिस्सों की पहचान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर द्वारा विकसित एआई आधारित उपकरणों के माध्यम से की गई है। उन्होंने कहा कि 2023-2025 की अवधि के लिए इलेक्ट्रॉनिक विस्तृत दुर्घटना रिपोर्ट (ई-डीएआर) से उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर 6,358 ‘‘ब्लैक स्पॉट कॉरिडोर’’ की पहचान की गई है।
एक अन्य सवाल के जवाब में गडकरी ने कहा कि वर्तमान में, देश में 7.15 लाख करोड़ रुपये की लागत से कुल 25,917 किलोमीटर लंबाई की 1,191 एनएच परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने सड़क सुरक्षा में सुधार और एनएच पर दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से उन्नत यातायात प्रबंधन प्रणाली (एटीएमएस) की परिकल्पना की है।
एटीएमएस में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रावधान हैं, जो राजमार्ग खंडों पर घटनाओं (यातायात उल्लंघन सहित) की शीघ्र पहचान करने में मदद करते हैं और राजमार्गों की प्रभावी तरीके से निगरानी करते हैं।
मंत्री ने कहा, ‘तदनुसार, सरकार ने 531 किलोमीटर लंबाई में एटीएमएस कार्यान्वयन को मंजूरी दी है और अन्य 6,000 किलोमीटर में मंजूरी के लिए प्रक्रिया शुरू की गई है।’
भाषा अविनाश मनीषा
मनीषा

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