दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्र की नि:स्वार्थ सेवा के प्रेरक उदाहरण: भारतीय जनता पार्टी

Ads

दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्र की नि:स्वार्थ सेवा के प्रेरक उदाहरण: भारतीय जनता पार्टी

  •  
  • Publish Date - September 25, 2026 / 02:01 PM IST,
    Updated On - September 25, 2026 / 02:01 PM IST

नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पार्टी मुख्यालय में पार्टी के विचारक दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी तथा उनके ‘एकात्म मानववाद’ एवं ‘अंत्योदय’ के दर्शन को स्मरण किया ।

पार्टी ने उन्हें देश के लिए ‘नि:स्वार्थ सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण’ बताया।

मथुरा में जन्मे उपाध्याय भारतीय जनसंघ के एक प्रमुख संगठनात्मक पदाधिकारी थे। बाद में जनसंघ से भारतीय जनता पार्टी का उदय हुआ।

यहां पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘दीनदयाल उपाध्याय अमर रहें’, ‘वंदे मातरम’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच उनकी प्रतिमा पर फूल चढ़ाए।

केंद्रीय मंत्रियों और कई भाजपा नेताओं ने भी ‘एक्स’ पर उपाध्याय के योगदान को याद किया तथा ‘एकात्म मानववाद’ एवं ‘अंत्योदय’ के उनके विचारों की सराहना की।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भारतीय जनसंघ के पदाधिकारी को ‘महान राष्ट्र-सेवक’ तथा ‘अंत्योदय’ और ‘एकात्म मानववाद का प्रणेता’ बताते हुए कहा कि उनके विचार राष्ट्र-सेवा और जन-कल्याण की दिशा में देश का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

शाह ने लिखा, ‘‘ ‘अंत्योदय’ और एकात्म मानववाद के प्रणेता, महान राष्ट्र-सेवक और श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दीनदयाल जी राजनीति को सत्ताप्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि राष्ट्र-सेवा और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान का माध्यम मानते थे।’’

शाह ने कहा कि ‘राष्ट्रधर्म’ और ‘पाञ्चजन्य’ के माध्यम से उपाध्याय ने राष्ट्रीय विचारों को आवाज दी और कई आंदोलनों के माध्यम से राष्ट्रीय एकता के मुद्दे उठाए।

उन्होंने कहा, ‘‘पंडित जी के विचार हमेशा ध्रुव तारे की तरह राष्ट्र सेवा और जन-कल्याण की दिशा में हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।’’

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उपाध्याय को भारतीय जनसंघ का सह-संस्थापक और भाजपा के लिए वैचारिक मार्गदर्शक एवं नैतिक प्रेरणास्रोत बताया।

सिंह ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उपाध्याय का जीवन नि:स्वार्थ राष्ट्र सेवा, सादगी, ईमानदारी एवं सिद्धांतों के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का उदाहरण है।

सिंह ने कहा, ‘‘ ‘अंत्योदय’ के माध्यम से उन्होंने समाज के, आखिरी पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास, अवसर और सम्मान पहुंचाने का रास्ता दिखाया, जबकि ‘एकात्म मानववाद’ के जरिए उन्होंने समावेशी, संतुलित और एकीकृत विकास का एक व्यापक दृष्टिकोण पेश किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उनके विचार, जीवन और आदर्श हमेशा देश सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे तथा आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करेंगे।’’

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी उपाध्याय को श्रद्धांजलि दी और उन्हें ‘भारत माता का महान सपूत’ तथा ‘एकात्म मानववाद का प्रणेता’ बताया।

नवीन ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘ भारत माता के महान सपूत और एकात्म मानववाद के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर मैं उन्हें कोटि-कोटि नमन करता हूं।’’

उन्होंने कहा कि उपाध्याय ने भारतीय सोच पर आधारित विकास का एक ऐसा दृष्टिकोण पेश किया, जिसके केंद्र में समाज के आखिरी व्यक्ति तक प्रगति का लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने कहा, ‘‘‘अंत्योदय’ की उनकी विचारधारा आज भी हमें देश के समावेशी विकास और जन-कल्याण की दिशा में मार्गदर्शन देती है। देश की सेवा में समर्पित हर कार्यकर्ता के लिए उनका जीवन हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।’’

भाजपा महासचिव स्मृति ईरानी ने कहा कि उपाध्याय की विचारधारा देश और समाज के सर्वांगीण उत्थान के लिए मार्गदर्शक रही है।

ईरानी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘श्रद्धेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा प्रतिपादित ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ की विचारधारा देश एवं समाज के सर्वांगीण उत्थान के लिए मार्गदर्शक रही है।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘ उनकी सोच, जो समाज के आखिरी कतार में खड़े व्यक्ति के कल्याण को ही राष्ट्रीय प्रगति का आधार मानती है, आज भी जन-कल्याण के प्रयासों को प्रेरित करती है।’’

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि उपाध्याय की विचारधारा ने उस समय एक भारतीय नजरिया पेश किया, जब दुनिया पूंजीवाद और समाजवाद के विचारों के बीच बहस कर रही थी।

भंडारी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘उनका मानना ​​था कि अकेले ही मानव और राष्ट्रीय विकास के बड़े मकसद को पूरा किया जा सकता है।’’

भाषा राजकुमार मनीषा

मनीषा