कोलकाता, 25 सितंबर (भाषा) यादवपुर विश्वविद्यालय ने पिछले तीन वर्षों के दौरान अपनी कार्यकारी परिषद (ईसी) द्वारा लिए गए सभी फैसलों (प्रस्तावों) का ब्योरा पश्चिम बंगाल उच्च शिक्षा विभाग को सौंप दिया है। विश्वविद्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पिछले महीने किए गए अनुरोध के बाद यह जानकारी विभाग को ‘तीन दिन पहले’ भेजी गई।
इस घटनाक्रम के बाद विश्वविद्यालय के भीतर यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इसी तरह की जानकारी अन्य राज्य विश्वविद्यालयों से भी मांगी गई है या केवल यादवपुर विश्वविद्यालय ही एकमात्र ऐसा संस्थान है।
कार्यकारी परिषद में उच्च शिक्षा विभाग, कुलाधिपति (राज्यपाल) और राज्य वित्त विभाग के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।
ईसी के एक सदस्य ने कहा कि बैठक के प्रस्ताव इन प्रतिनिधियों के पास पहले से ही उपलब्ध हैं।
विश्वविद्यालय समुदाय के कुछ सदस्यों ने संस्था की स्वायत्तता को लेकर चिंता जताते हुए प्रशासन द्वारा सरकार को प्रस्ताव सौंपने की जरूरत पर सवाल उठाए।
हालांकि, अधिकारी ने कहा कि सरकार द्वारा ऐसी जानकारी मांगे जाने में कुछ भी असामान्य नहीं है और कार्यकारी परिषद के प्रस्ताव आदर्श रूप से सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
कार्यकारी परिषद के फैसलों को सार्वजनिक करने का मुद्दा इससे पहले ‘भारतीय मजदूर संघ’ से संबद्ध ‘पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ’ ने उठाया था। इसने पारदर्शिता सुनिश्चित करने और लोगों को प्रशासनिक फैसलों की जानकारी देने के लिए विश्वविद्यालयों से अपनी वेबसाइट पर ऐसी जानकारी देने की मांग की थी।
भाषा
शुभम नरेश
नरेश