मंहगाई को नियंत्रित करने के लिए भाजपा को हराएं: कांग्रेस

मंहगाई को नियंत्रित करने के लिए भाजपा को हराएं: कांग्रेस

मंहगाई को नियंत्रित करने के लिए भाजपा को हराएं: कांग्रेस
Modified Date: November 29, 2022 / 09:01 pm IST
Published Date: January 1, 2022 4:56 pm IST

नयी दिल्ली,एक जनवरी (भाषा) कांग्रेस ने जूते-चप्पल से लेकर खाद्यान्न सामग्री तक विभिन्न श्रेणियों में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) बढ़ाने के लिए केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार की शनिवार को आलोचना की और मंहगाई को नियंत्रित करने के लिए आने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हराने की जनता से अपील की।

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यहां संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि केन्द्र ने हिमाचल प्रदेश और कुछ अन्य राज्यों में उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क घटा दिया था। उन्होंने जनता से विवेकपूर्ण ढंग से मतदान करके कर को कम करने वाला शासन लाने की अपील की।

सुरजेवाला ने टेक्सटाइल पर जीएसटी को पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने के जीएसटी परिषद के फैसले के टलने का श्रेय कांग्रेस को दिया और दावा किया कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के बाद कर बढ़ा दिए जाएंगे।

उन्होंने कहा,‘‘किसी को भी यह भूलना नहीं चाहिए कि टेक्सटाइल पर जीएसटी बढ़ाने के प्रस्ताव को वापस नहीं लिया गया है,केवल टाला गया है। इस निर्णय पर कुछ महीने के लिए रोक लग सकती है,जब तक चुनाव नहीं हो जाए। एक बार चुनाव हो जाएं,फिर कर बढ़ाएं जाएंगे।’’

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि कर बढ़ने के कारण एक जनवरी से जूते चप्पल,टैक्सी,ऑटो रिक्शा से यात्रा, यात्रा संबंधी ऐप का इस्तेमाल,खाना मंगवाने वाले ऐप के जरिए खाना मंगवाना,बच्चे का रंग करने (ड्रॉइंग) का सामान और एटीएम मशीन से पैसे निकालना मंहगा हो गया है।

सुरजेवाला ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद से चाय, दालें, खाद्य तेल, रसोई गैस और यहां तक कि नमक की कीमतें बढ़ी हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता ने जनता से आगामी चुनावों में भाजपा को हराने की अपील करते हुए कहा, ‘‘ याद रखें, अगर मोदी हैं तो महंगाई बनी रहेगी, मोदी सरकार का मतलब है ऊंची कीमतें। मोदी और महंगाई देश के लिए हानिकारक हैं।’’

उन्होंने कहा कि सरकार बजट पेश होने से पहले ही कर बढ़ा रही है और बाद में यह दावा कर सकती है कि इसने‘‘कर मुक्त बजट ’’पेश किया है।

भाषा शोभना उमा

उमा


लेखक के बारे में