दिल्ली की अदालत ने एक व्यक्ति को चार साल की बच्ची के साथ बलात्कार का दोषी ठहराया
दिल्ली की अदालत ने एक व्यक्ति को चार साल की बच्ची के साथ बलात्कार का दोषी ठहराया
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक व्यक्ति को चार साल की बच्ची के अपहरण और बलात्कार का यह कहते हुए दोषी ठहराया है कि उसे क्रूर और जानलेवा चोटें आई थीं जो केवल यौन हमले (शारीरिक संबंध) से ही हो सकती थीं।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमित सहरावत सनी कुमार के खिलाफ एक मामले की सुनवाई कर रहे थे, जिस पर भारतीय न्याय संहिता और पोक्सो अधिनियम के तहत 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के अपहरण, बलात्कार और उस पर हिंसात्मक तरीके से यौन हमला (शारीरिक संबंध) करने का आरोप है।
अदालत ने 30 अप्रैल को अपने आदेश में कहा, ‘‘आरोपी सनी कुमार को 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची के अपहरण, बलात्कार एवं गंभीर चोटें पहुंचाने का तथा बीएनएस की धाराओं –137(2), 64(2)(1), 65(2) और पोक्सो अधिनियम की धारा छह के तहत गंभीर यौन हमला (शारीरिक संबंध) के अपराध का दोषी ठहराया जाता है।’’
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 17 नवंबर, 2025 को आरोपी ने कथित तौर पर बच्ची को मंदिर के पास ले जाकर उसपर यौन हमला किया और फिर उसे उसके घर के पास छोड़ दिया। गंभीर चोटें आने के कारण बच्ची को अस्पताल ले जाया गया।
अदालत ने कहा कि घटना के समय पीड़िता की उम्र चार साल और आठ महीने थी तथा उसे गंभीर आंतरिक चोटें आई थीं।
अदालत ने कहा, “यह उल्लेख करना जरूरी है कि पीड़िता मात्र चार वर्ष और आठ महीने की बच्ची थी। इस तरह की क्रूर चोटें इतनी छोटी बच्ची के लिए जानलेवा हो सकती हैं।’’
चिकित्सकीय साक्ष्यों पर भरोसा करते हुए, अदालत ने पाया कि चोटें “केवल किसी शारीरिक संबंध से ही संभव थीं” न कि किसी वस्तु पर गिरने से जैसा कि बचाव पक्ष दावा कर रहा है।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आरोपी को पीड़िता को दुकान पर ले जाने के लिए उसके माता-पिता/अभिभावकों की अप्रत्यक्ष सहमति प्राप्त थी, क्योंकि आरोपी आमतौर पर उसे चिप्स, बिस्कुट, चॉकलेट आदि दिलाने के लिए दुकान पर ले जाया करता था, लेकिन उक्त सहमति केवल पीड़िता को दुकान पर ले जाने के लिए थी न कि उपर्युक्त कुकर्मों के लिए।’’
भाषा राजकुमार नरेश
नरेश

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