दिल्ली: अदालत ने सरकारी योजना से जुड़े घोटाले में शामिल छह आरोपियों को जमानत दी
दिल्ली: अदालत ने सरकारी योजना से जुड़े घोटाले में शामिल छह आरोपियों को जमानत दी
नयी दिल्ली, 28 मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने एक सरकारी योजना से जुड़े कथित घोटाले में शामिल छह आरोपियों को जमानत देते हुए कहा कि जमानत देना कानून का सर्वमान्य सिद्धांत है जबकि इनकार करना अपवाद है।
यह मामला 2025 में भ्रष्टाचार रोधी शाखा (एसीबी) द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के कल्याण विभाग की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था।
शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सूचीबद्ध कोचिंग संस्थानों ने 2018-19 में ‘जय भीम मुख्यमंत्री प्रतिभा विकास योजना’ के तहत सरकारी खजाने से धनराशि प्राप्त करने में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं कीं।
एसीबी ने इस महीने की शुरुआत में कथित 37.20 करोड़ रुपये के घोटाले के सिलसिले में कोचिंग संस्थानों के नौ मालिकों, निदेशकों और सहयोगियों को गिरफ्तार किया था।
विशेष न्यायाधीश रुचि अग्रवाल असरानी, रविंद्र सिंह जादोन, हर्षित, आज़ाद कालेत, संजीव कुमार, नरेंद्र कुमार गुप्ता और जितेंद्र कुमार द्वारा दायर अलग-अलग जमानत याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थीं।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जादोन ‘मेसर्स रवींद्र इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन सिविल सर्विसेज (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटे’ के निदेशक थे, हर्षित ‘मोमेंटम नीट आईआईटी’ अकादमी चला रहे थे, कालेत तक्षशिला इंस्टीट्यूट चला रहे थे, कुमार ‘प्रयास इंस्टीट्यूट’ चला रहे थे, गुप्ता ‘तक्षशिला अकादमी प्राइवेट लिमिटेड’ के निदेशक थे और जितेंद्र रोहिणी में ‘पहल’ नाम का एक गैर सरकारी संगठन चला रहे थे, जो किरण इंस्टीट्यूट से अवैध रूप से जुड़ा हुआ था।
अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने अनुचित लाभ प्राप्त किए। न्यायाधीश असरानी ने 26 मई को पारित अलग-अलग आदेशों में कहा कि आरोपी 26 दिनों से जेल में हैं और ‘यह कानून का सर्वमान्य सिद्धांत है कि जमानत एक नियम है और इनकार एक अपवाद है’।
उन्होंने कहा, चूंकि जांच में आरोपियों की व्यक्तिगत रूप से आवश्यकता नहीं है इसलिए उन्हें निरंतर कारावास में रखने से कोई लाभ नहीं होगा।
न्यायाधीश ने कहा, “याचिकाकर्ता/आरोपी को दंडात्मक उपाय के रूप में हिरासत में नहीं रखा जा सकता।”
अदालत ने प्रत्येक को एक लाख रुपये के जमानत मुचलके और देश न छोड़ने तथा नियमित रूप से सुनवाई के लिए उपस्थित होने जैसी कई अन्य शर्तों के अधीन जमानत दे दी।
भाषा जितेंद्र नरेश
नरेश

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