दिल्ली की अदालत ने वकील से मारपीट के मामले में तीन आरोपियों को जमानत दी

दिल्ली की अदालत ने वकील से मारपीट के मामले में तीन आरोपियों को जमानत दी

दिल्ली की अदालत ने वकील से मारपीट के मामले में तीन आरोपियों को जमानत दी
Modified Date: May 1, 2026 / 05:35 pm IST
Published Date: May 1, 2026 5:35 pm IST

नयी दिल्ली, एक मई (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने अप्रैल में कड़कड़डूमा अदालत परिसर के भीतर एक वकील के साथ मारपीट करने के आरोप में गिरफ्तार तीन व्यक्तियों को यह कहते हुए जमानत दे दी कि मामले की जांच लगभग पूरी हो चुकी है और अब आरोपियों को हिरासत में रखकर पूछताछ करने की जरूरत नहीं है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरभि शर्मा वत्स ने उदय सेठी, रोहन कक्कड़ और रोहित सेठी की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

इन तीनों के खिलाफ वकील के साथ कथित तौर पर मारपीट करने का मामला फर्श बाजार थाने में दर्ज किया गया था।

अदालत ने 28 अप्रैल के अपने आदेश में कहा, ‘‘इन आवेदकों/आरोपियों के मामले में जांच लगभग पूरी हो चुकी है। यह भी बताया गया है कि अब आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसके अलावा, अब इन आरोपियों से या उनकी निशानदेही पर कुछ भी बरामद किया जाना बाकी नहीं है।’’

अभियोजन पक्ष के अनुसार, इन तीनों ने सात अप्रैल को कड़कड़डूमा अदालत परिसर के भीतर वकील ‘अमन’ पर कथित तौर पर हमला किया था, जिससे उनके सिर पर किसी नुकीली चीज से चोट पहुंची थी।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि आरोपी और शिकायतकर्ता वकील एक-दूसरे को पहले से जानते थे और आरोपी उस वकील के मुवक्किल थे।

जांच अधिकारी ने स्पष्ट किया कि हमले में इस्तेमाल की गई वस्तु, जो कि एक ‘चाबी’ बताई जा रही है, बरामद कर ली गई है और अब किसी प्रकार की बरामदगी बाकी नहीं है।

अदालत ने अपने आदेश में यह भी दर्ज किया कि आरोपियों में शामिल उदय सेठी और रोहन कक्कड़ क्रमशः 21 और 25 वर्ष के युवा छात्र हैं।

जांच अधिकारी ने बताया कि उदय सेठी के खिलाफ पहले से यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत एक मामला दर्ज है, जो इसी शिकायतकर्ता वकील ने ही दर्ज कराया था।

अदालत ने इस बात पर गौर किया कि तीनों आरोपी सात अप्रैल से न्यायिक हिरासत में हैं। तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए न्यायाधीश ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के जमानतदार पेश करने पर रिहा करने का निर्देश दिया।

भाषा सुमित संतोष

संतोष


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