दिल्ली अदालत ने बलात्कार मामले में आरोपी को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
दिल्ली अदालत ने बलात्कार मामले में आरोपी को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की
नयी दिल्ली, 18 मार्च (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बलात्कार के मामले में आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की और अभियोजन पक्ष के मामले में देरी और कुछ कमियों को देखते हुए उसे जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कपिल कुमार बलात्कार के आरोप में केशवपुरम पुलिस थाने में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में आरोपी संजय जैन द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।
अदालत ने 17 मार्च के एक आदेश में कहा, ‘इस मामले की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, विशेष रूप से इस तथ्य को कि यौन उत्पीड़न की पहली घटना के लगभग पांच साल बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी, आवेदक जांच में शामिल होने का अवसर पाने का हकदार है।’
अदालत ने निर्देश दिया कि अगली सुनवाई की तारीख, 28 मार्च तक आरोपी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई न की जाए और आरोपी से जांच अधिकारी के साथ सहयोग करने को कहा।
सुनवाई के दौरान, अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।
हालांकि, अदालत ने गौर किया कि यौन उत्पीड़न की पहली कथित घटना अप्रैल 2021 की है, जबकि प्राथमिकी 2026 में दर्ज की गई थी, जो लगभग पांच साल के अंतराल को दर्शाती है।
अदालत ने जांच अधिकारी द्वारा प्रस्तुत इस बात पर भी ध्यान दिया कि शिकायतकर्ता के पति को कथित तौर पर अश्लील तस्वीरें या वीडियो प्राप्त हुए थे। लेकिन उसने अभी तक पुलिस को ऐसी कोई सामग्री उपलब्ध नहीं कराई है।
यह भी बताया गया कि पीड़िता ने आंतरिक चिकित्सा परीक्षण कराने से इनकार कर दिया था।
अदालत ने अंतरिम राहत प्रदान करते हुए टिप्पणी की, ‘मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए… आवेदक जांच में शामिल होने का अवसर पाने का हकदार है।’
अदालत ने जांच अधिकारी को अगली सुनवाई की तारीख पर आगे के घटनाक्रम और यदि कोई हो तो आरोपी से हिरासत में पूछताछ के आधार दर्ज करने की अनुमति दी।
भाषा तान्या नरेश
नरेश

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