दिल्ली अदालत ने एसजीएसीसी पर आदेश अवहेलना को लेकर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया
दिल्ली अदालत ने एसजीएसीसी पर आदेश अवहेलना को लेकर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया
नयी दिल्ली, 22 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को उसके आदेश की अवहेलना करने पर संजय गांधी पशु देखभाल केंद्र (एसजीएसीसी) पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
यह जुर्माना अदालत के उस आदेश का पालन न करने पर लगाया गया है जिसमें एसजीएसीसी द्वारा पकड़े गए सभी 10 कुत्तों को छोड़ने के लिए कहा गया था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरभि शर्मा वत्स ने यह जुर्माना तब लगाया, जब मामले के जांच अधिकारी (आईओ) ने अदालत को यह सूचित किया कि पकड़े गए 10 कुत्तों में से पशु देखभाल केंद्र ने केवल आठ कुत्तों को ही छोड़ा है। जबकि दो कुत्ते ( एक ‘पूडल’ नस्ल का है और दूसरा ‘माल्टीज’ नस्ल का) अब भी एसजीएसीसी के पास हैं।
इससे पहले, 13 जनवरी को अदालत ने एसजीएसीसी को निर्देश दिया था कि वह पकड़े किए गए सभी कुत्तों को उनके मालिक को सौंप दे। उस दौरान अदालत ने कहा था कि पशु देखभाल केंद्र का व्यवहार अदालत के आदेशों की खुली अवहेलना, घोर लापरवाही और जानबूझकर गलतबयानी का प्रदर्शन करता है।
यह आदेश पशु देखभाल एसजीएसीसी द्वारा दायर एक ‘आपराधिक पुनरीक्षण याचिका’ पर आया था। इस याचिका के जरिए उसने मजिस्ट्रेट अदालत के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें कुत्तों को विशाल को सौंपने का निर्देश दिया गया था। विशाल जगत पुरी पुलिस थाने में दर्ज एक प्राथमिकी में आरोपी हैं।
एसजीएसीसी के वकील ने बृहस्पितवार को अदालत में दलील दी कि विशाल ने ‘पूडल’ नस्ल के कुत्ते को लेने से इनकार कर दिया क्योंकि उनके अनुसार वह उनका कुत्ता नहीं था। इस पर अदालत ने कुत्ते के पूरे मेडिकल रिकॉर्ड पेश करने की मांग की।
पशु देखभाल केंद्र ने अदालत में यह भी स्वीकार किया कि वह ‘माल्टीज’ नस्ल के कुत्ते को ढूंढने में असमर्थ है।
वहीं, विशाल के वकील ने अदालत को बताया कि लौटाए गए आठ कुत्तों में से चार क्षत-विक्षत स्थिति में थे। उन्होंने दोहराया कि एसजीएसीसी जो पूडल कुत्ता दे रहा है, वह उनके मुवक्किल का नहीं है और माल्टीज कुत्ता अब तक वापस नहीं किया गया है।
अदालत ने अंततः एसजीएसीसी को निर्देश दिया कि वह असली पूडल नस्ल के कुत्ते को मालिक को सौंपे और माल्टीज कुत्ते के बारे में अगली सुनवाई तक विस्तृत रिपोर्ट दाखिल करे। इस मामले की अगली सुनवाई अब चार फरवरी 2026 को होगी।
भाषा प्रचेता माधव
माधव

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