Geeta Bhawan in Madhya Pradesh: प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में होगा गीता भवन, भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श से जुड़ेंगे लोग
Geeta Bhawan in Madhya Pradesh: प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में होगा गीता भवन, भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श से जुड़ेंगे लोग
Geeta Bhawan in Madhya Pradesh: प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में होगा गीता भवन, भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श से जुड़ेंगे लोग / Image: IBC24 Customized
- 413 नगरीय निकायों में 'गीता भवन' बनाए जाएंगे
- 60 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया
- 313 निकायों में भूमि चिन्हांकन की प्रक्रिया जारी
भोपाल: Geeta Bhawan in Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि इंदौर और जबलपुर की तर्ज पर प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में गीता भवन बनाएं जा रहे हैं। गीता भवन के माध्यम से दार्शनिक वातावरण निर्मित करने का प्रयास है। इन केन्द्रों में युवा पीढ़ी को गीता के निष्काम कर्म और भारतीय मूल्यों से जोड़ने और शोधार्थियों के लिए विशेष संसाधन उपलब्ध कराना गीता भवन का मुख्य उद्देश्य है।
Geeta Bhawan in Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना को विस्तार देने के लिए ‘गीता भवन’ परियोजना को अब वृहद स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के सभी 413 शहरों में गीता भवन निर्माण की योजना के लिए 5 वर्षीय कार्ययोजना के वर्ष 2026-27 के लिए 60 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में भारतीय दर्शन, कला और साहित्यिक विमर्श के लिए एक आधुनिक अवसंरचना तैयार करना है। इंदौर और जबलपुर में निर्मित गीता भवन की सफलता को आधार मानते हुए अब इस मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है।
4 शहरों में प्रोजेक्ट्स स्वीकृत, 100 निकायों में भूमि चिन्हांकित
योजना के क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति करते हुए विभाग ने चार प्रमुख शहरों में ब्राउनफील्ड (Brownfield) प्रोजेक्ट्स को तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर दी है। इनमें रीवा (5 करोड़ रुपये), छिंदवाड़ा (2.5 करोड़ रुपये), कटनी (2.4 करोड़ रुपये) तथा खंडवा (2 करोड़ रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 6 नगर निगमों सहित 100 नगर पालिकाओं में ‘ग्रीनफील्ड’ प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित हो चुकी है, जिनकी डीपीआर (DPR) को अंतिम रूप दिया जा रहा है। शेष 313 नगरीय निकायों में भी भूमि का चिन्हांकन कर लिया गया है और जिला कलेक्टरों के माध्यम से आवंटन की प्रक्रिया प्रचलन में है।
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होंगे सांस्कृतिक केंद्र
प्रत्येक ‘गीता भवन’ को एक बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके प्रमुख घटकों में अत्याधुनिक ऑडिटोरियम: वृहद स्तर पर सांस्कृतिक एवं वैचारिक आयोजनों के लिये ज्ञान का केंद्र: ज्ञानार्जन के लिए समृद्ध लाइब्रेरी एवं हाई-टेक ई-लाइब्रेरी। व्यावसायिक एवं जन-सुविधाएं: कैफेटेरिया और विशेष रूप से पुस्तकों एवं आध्यात्मिक सामग्री के लिए समर्पित विक्रय केंद्र शामिल हैं।
ये भी पढ़ें
- MP Board Exam Result 2026: खत्म होने वाला है बोर्ड एग्जाम के रिजल्ट का इंतजार! कॉपियों की जांच आखरी स्टेज में… इस दिन आ सकती है बड़ी खबर
- Indian Army Agniveer Recruitment 2026: इंडियन नेवी में अग्निवीर बनने का सुनहरा मौका, 8वीं और 10वीं पास युवा कर सकते हैं आदेवन, 40 हजार रुपए मिलेगा वेतन
- Odisha Hospital Fire: सरकारी अस्पताल में अचानक लगी भीषण आग, जिंदा जले कई मरीज, मचा हड़कंप, देखें वीडियो

Facebook


