दिल्ली : डीडीएमए ने यमुना बाजार के निवासियों को बेदखली नोटिस जारी किये, ध्वस्तीकरण की चेतावनी
दिल्ली : डीडीएमए ने यमुना बाजार के निवासियों को बेदखली नोटिस जारी किये, ध्वस्तीकरण की चेतावनी
नयी दिल्ली, सात मई (भाई) दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) ने बृहस्पतिवार को कश्मीरी गेट इलाके में यमुना बाजार के निवासियों को बेदखली नोटिस जारी किए।
बेदखली नोटिस के मुताबिक निवासियों को अपना सामान हटाने और स्वेच्छा से क्षेत्र खाली करने के लिए 15 दिन समय दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि ऐसा न करने पर, ‘अतिक्रमण’ हटाने के लिए ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा।
डीडीएमए के नोटिस में कहा गया, ‘‘ दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) के स्वामित्व वाली बाढ़ क्षेत्र वाली भूमि ओ-जोन है। इसे इंगित करते हुए यमुना तट पर बनी दीवार के भीतर यमुना बाजार में लगभग 310 ढांचों का आवासीय संकुल हैं, जो अवैध अतिक्रमण है।’’
इसमें कहा गया, ‘‘यही (यमुना बाजार) हर साल यमुना की बाढ़ के दौरान जलमग्न हो जाता है, जिससे मानव जीवन, पशुधन और संपत्ति के नुकसान का गंभीर खतरा पैदा हो जाता है।’’
नोटिस में कहा गया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 34 के तहत प्राप्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, डीडीएमए यमुना तट पर अतिक्रमित क्षेत्र में रहने वालों को नोटिस जारी होने की तारीख से 15 दिनों के भीतर परिसर खाली करने का निर्देश देता है।
डीडीएमए ने कहा कि नियमों का पालन न होने की स्थिति में अधिकारियों द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना के ध्वस्तीकरण कार्रवाई की जाएगी।
यमुना नदी के किनारे स्थित ओ-जोन एक संरक्षित क्षेत्र है। इसे निर्माण-निषिद्ध बाढ़ क्षेत्र के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है, जिसका प्रबंधन डीडीए करता है।
यह कार्रवाई दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू द्वारा पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ यमुना बाजार क्षेत्र के दौरे और डीडीए अधिकारियों के साथ क्षेत्र में कायाकल्प कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करने के एक सप्ताह बाद हुई है।
भाषा धीरज माधव
माधव

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