नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी के द्वारका इलाके में 2020 में लूटपाट और जबरन वसूली के प्रयास के दौरान एक ‘इवेंट मैनेजर’ के दोनों अंगूठे काटने के आरोपी को बिहार से गिरफ्तार किया गया है। यह आरोपी छह साल से गिरफ्तारी से बचने का प्रयास कर रहा था। पुलिस के एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि भगोड़ा घोषित किये गये आरोपी ब्रह्मदेव भगत (70) को बिहार के पूर्णिया से गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना में पीड़ित को लाठी-डंडों से पीटा गया, चाकू के बल पर लूटा गया और 11 लाख रुपये के भुगतान के लिए दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कथित तौर पर मजबूर किया गया, जिसके बाद उसके अंगूठे काट दिए गए थे।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पंकज कुमार ने एक बयान में कहा, ‘‘यह घटना 17 मार्च, 2020 को उस वक्त हुई, जब ‘इवेंट मैनेजर’ सुरिंदर नंदा को एक पार्टी बुकिंग को लेकर संपर्क किया गया और उन्होंने अपने प्रबंधक कपिल चड्ढा को अपनी ओर से द्वारका में बैठक में शामिल होने के लिए कहा।’’
उन्होंने बताया कि बाद में, फोन के जरिये संपर्क करने वालों ने नंदा से व्यक्तिगत रूप से मिलने का आग्रह किया, जिसके बाद वह अपने चालक के साथ एक कार में द्वारका सेक्टर-23 गए। एक सीएनजी पंप के पास, उन्हें एक दूसरी कार से एक घर तक ले जाया गया, जहां भगत और उसके साथी इंतज़ार कर रहे थे।
अधिकारी ने बताया, ‘‘जैसे ही नंदा परिसर में दाखिल हुए, आरोपियों ने उनपर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। उनमें से एक ने चाकू के बल पर उनकी हीरे की अंगूठी कथित तौर पर छीन ली और उनके बटुए से 27,000 रुपये लूट लिये। भगत ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी और सब्जी के भुगतान से जुड़े कथित विवाद को लेकर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया।’
इसके बाद भगत ने नंदा पर चाकू से हमला किया और उनके दोनों हाथों के अंगूठे काट दिए, फिर उन्हें और चड्ढा को छोड़ दिया। नंदा को बाद में डीडीयू अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद 18 मार्च, 2020 को द्वारका सेक्टर-23 थाने में मामला दर्ज किया गया।
इससे पहले तीन सह-आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन भगत फरार रहा और दिसंबर 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया।
अधिकारी ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर अपराध शाखा ने भगत को पूर्णिया से गिरफ्तार कर लिया और पूछताछ के दौरान, उसने मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली।
उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अक्सर अपना ठिकाना बदलता रहता था।
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