पणजी, 18 मई (भाषा) गोवा शहर एंड ग्राम नियोजन (टीसीपी) बोर्ड ने सोमवार को तटीय राज्य में संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, ज़ुआरी औद्योगिक एस्टेट के आसपास के इलाके को ‘गैर-विकास क्षेत्र’ (एनडीजेड) के रूप में नामित करने का फैसला किया।
पत्रकारों से बात करते हुए, शहर एवं ग्राम नियोजन मंत्री विश्वजीत राणे ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने वास्को शहर के पास स्थित औद्योगिक एस्टेट के आसपास के 554 सर्वे नंबरों को ‘निजी वन भूमि’ के रूप में आरक्षित श्रेणी से हटाने की पिछली सिफारिश पर रोक लगा दी थी। इसी के चलते, बोर्ड ने इस पूरे इलाके को ‘एनडीजेड’ के रूप में वर्गीकृत करने का फैसला किया, ताकि इसका लंबे समय तक संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।
उन्होंने बताया कि राज्य के वन विभाग ने शीर्ष न्यायालय के समक्ष एक हलफनामा दायर किया था, जिसमें कहा गया था कि यह इलाका ‘निजी वन’ के रूप में ही बना रहेगा।
मंत्री ने बताया कि टीसीपी बोर्ड ने फैसला किया है कि ज़ुआरी औद्योगिक एस्टेट और उसके आसपास के सभी 554 सर्वे नंबर को एनडीजेड घोषित किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस संरक्षण के दायरे में कुल कितना क्षेत्रफल आएगा।
राणे ने बताया कि टीसीपी विभाग ने अब तक समय-समय पर जारी विभिन्न अधिसूचनाओं के माध्यम से 10 करोड़ वर्ग मीटर जमीन को एनडीजेड के रूप में अधिसूचित किया है। इस जमीन में निचले इलाके, धान के खेत, पहाड़ियां और नदी के किनारे शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐतिहासिक कदम है। अतीत में किसी भी अन्य सरकार ने ऐसा नहीं किया है।’’
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