दिल्ली सरकार ने पेड़ों की अवैध कटाई से निपटने के लिए एसओपी अधिसूचित की

दिल्ली सरकार ने पेड़ों की अवैध कटाई से निपटने के लिए एसओपी अधिसूचित की

दिल्ली सरकार ने पेड़ों की अवैध कटाई से निपटने के लिए एसओपी अधिसूचित की
Modified Date: April 20, 2026 / 06:44 pm IST
Published Date: April 20, 2026 6:44 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अप्रैल (भाषा) दिल्ली सरकार ने पेड़ों की अवैध कटाई और उन्हें क्षति पहुंचाने जैसे अपराधों से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अधिसूचित कर दी है। एक आधिकारिक बयान में सोमवार को यह जानकारी दी गई।

बयान के मुताबिक, लोग टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर, ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकेंगे ।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को दिल्ली की हरियाली की रक्षा और पेड़ संरक्षण कानूनों के सख्ती से अमल की दिशा में ऐतिहासिक निर्णय बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एसओपी का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना है।

गुप्ता ने बताया कि वन एवं वन्यजीव विभाग ने दिल्ली वृक्ष संरक्षण अधिनियम, 1994 की धारा 33 के अंतर्गत यह एसओपी अधिसूचित की है, जिसके तहत पेड़ों की अवैध कटाई, उन्हें क्षति पहुंचाने और अन्य अनधिकृत गतिविधियों की रोकथाम, पहचान और अभियोजन के लिए एक मजबूत, पारदर्शी और समयबद्ध तंत्र स्थापित किया गया है।

उन्होंने कहा कि इस एसओपी के लागू होने से कानून उल्लंघन के प्रत्येक मामले में प्रभावी और जवाबदेह कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एसओपी के तहत एक सुदृढ़ त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की गई है, जिसके माध्यम से नागरिक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर, ऑनलाइन पोर्टल और ऑफलाइन माध्यमों से शिकायत दर्ज करा सकेंगे।

उन्होंने कहा कि सभी शिकायतें त्वरित संबंधित फील्ड अधिकारियों तक प्रेषित की जाएंगी, जिससे तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी की हरित संपदा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पेड़ संरक्षण कानूनों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बयान के मुताबिक, मुख्यालय और मंडल स्तर पर गठित त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी) निर्धारित समय सीमा में मौके पर पहुंचकर पेड़ को होने वाले नुकसान को रोकेंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 घंटे निगरानी सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय स्तर पर ‘वन नियंत्रण कक्ष’ और मंडल स्तर पर ‘मंडल नियंत्रण कक्ष’ स्थापित किए गए हैं।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश


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