दिल्ली सरकार ने गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए 81 कृत्रिम तालाब बनाए
दिल्ली सरकार ने गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए 81 कृत्रिम तालाब बनाए
नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) दिल्ली सरकार ने गणेश प्रतिमाओं को यमुना या अन्य जल निकायों के बजाय निर्दिष्ट स्थलों पर विसर्जित करने के लिए 81 कृत्रिम तालाब तैयार किए हैं।
सरकार ने पुरानी और क्षतिग्रस्त मूर्तियों और धार्मिक सामग्री के सम्मानजनक निपटान के लिए 110 संग्रह केंद्र भी स्थापित किए हैं।
ये दोनों उपाय उस पहल का हिस्सा हैं जिसका उद्देश्य स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के साथ धार्मिक प्रथाओं को संतुलित करना है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल मंदिरों सहित उपयुक्त स्थानों पर संग्रह कंटेनर प्रदान करेगी, जहां भक्त पुरानी, क्षतिग्रस्त मूर्तियों और अन्य पूजा सामग्री को सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ने के बजाय इनमें जमा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी सामग्री अक्सर धार्मिक भावनाओं के कारण पेड़ों के नीचे, पार्कों में, सड़कों के किनारे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर छोड़ दी जाती है, जिससे स्वच्छता और पर्यावरण के लिए चुनौतियां पैदा होती हैं।
गणेश उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल विसर्जन की सुविधा देने के लिए 81 चिन्हित स्थानों पर कृत्रिम विसर्जन तालाबों की तैयारी पूरी कर ली गई है।
एक बयान के अनुसार, गणेश विसर्जन को व्यवस्थित बनाने के लिए सभी 13 राजस्व जिलों में संबंधित विभागों के बीच समन्वय के साथ तैयारियां की गई हैं और विसर्जन स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
इसके मुताबिक, विसर्जन के बाद प्रतिमाओं के अवशेषों और अन्य सामग्री को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार हटाने तथा स्थलों की सफाई की व्यवस्था भी की जाएगी, ताकि उत्सव के बाद सार्वजनिक स्थान स्वच्छ बने रहें।
मुख्यमंत्री ने भक्तों से अपील की है कि वे गणेश मूर्तियों को केवल निर्दिष्ट कृत्रिम विसर्जन स्थलों पर ही विसर्जित करें, न कि यमुना या अन्य जल निकायों में।
उन्होंने लोगों से नदियों या जल निकायों में पूजा सामग्री, फूल, माला और अन्य धार्मिक वस्तुओं को डालने से बचने और पर्यावरण-अनुकूल मूर्तियों को प्राथमिकता देने का भी आग्रह किया।
गुप्ता ने कहा कि धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण को एक-दूसरे का पूरक होना चाहिए।
गणेश उत्सव 14 सितंबर को शुरू हुआ था और 25 सितंबर को संपन्न होगा।
भाषा नोमान नोमान नरेश
नरेश

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