विशेषज्ञों ने हृदय की अच्छी सेहत के लिए जल्दी जांच, स्वस्थ जीवनशैली पर जोर दिया
विशेषज्ञों ने हृदय की अच्छी सेहत के लिए जल्दी जांच, स्वस्थ जीवनशैली पर जोर दिया
नयी दिल्ली, 22 सितंबर (भाषा) विश्व हृदय दिवस से पहले राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक सम्मेलन में विशेषज्ञों ने हृदय संबंधी बीमारियों की रोकथाम के लिए रोग की समय पर पहचान, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समुदाय में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने प्रदूषण, तनाव और बदलती जीवनशैली को बढ़ती चिंताओं के रूप में रेखांकित किया।
‘इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन’ ने “स्वस्थ जीवन के लिए स्वस्थ हृदय” विषय पर सम्मेलन का आयोजन किया, जिसमें हृदय रोग विशेषज्ञों और जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने निवारक हृदय देखभाल, नियमित स्वास्थ्य जांच और आपात स्थिति से निपटने की तैयारी पर चर्चा की। विश्व हृदय दिवस को 29 सितंबर को मनाया जाएगा।
बीएलके-मैक्स हार्ट एंड वैस्कुलर इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष और विभागाध्यक्ष डॉ. टी. एस. क्लेर ने व्यवस्थित निवारक हृदय संबंधी कार्यक्रमों और समुदाय के स्तर पर स्वास्थ्य शिक्षा को मजबूत करने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि रोकथाम के प्रयासों में वायु और ध्वनि प्रदूषण, पराली जलाना, तनाव, काम करने के बदलते तौर-तरीकों और बदलती जीवनशैली जैसी पर्यावरणीय और जीवनशैली से जुड़ी परिस्थितियों पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
पीएसआरआई हार्ट इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष डॉ. के. के. तलवार ने हृदय संबंधी आपात स्थिति के दौरान समुदाय के लोगों को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) का प्रशिक्षण देने के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, “हर मिनट महत्वपूर्ण है। जो व्यक्ति उस समय पास में है, वही मायने रखता है।”
मैक्स स्मार्ट सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में ‘कार्डियक साइंसेज और कार्डियक सर्जरी’ (सीटीवीएस) के अध्यक्ष डॉ. गणेश कुमार मणि ने कहा कि निवारक हृदय चिकित्सा पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है और लोगों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में स्वस्थ विकल्प अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “जागरूकता और निवारक कदमों के अलावा, हम सभी को संभवतः यह जानकारी भी होनी चाहिए कि पास में मौजूद व्यक्ति को गुणवत्तापूर्ण सीपीआर कैसे दिया जाए।”
‘इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन’ की सलाहकार परिषद के अध्यक्ष अनिल राजपूत ने कहा कि रोकथाम केवल बीमारी होने पर प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें खान-पान, शारीरिक गतिविधि, तनाव प्रबंधन और आराम से जुड़े रोजमर्रा के विकल्प भी शामिल हैं।
सम्मेलन में रक्तचाप, रक्त शर्करा और लिपिड प्रोफाइल की निगरानी के साथ-साथ हृदय स्वास्थ्य बनाए रखने में पोषण, फिटनेस, आयुर्वेद और ध्यान की भूमिका पर भी सत्र आयोजित किए गए।
भाषा नोमान दिलीप
दिलीप

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