जीटीबी अस्पताल में पंखा गिरने के बाद मरीज की मौत को लेकर दिल्ली सरकार ने जांच समिति गठित की

जीटीबी अस्पताल में पंखा गिरने के बाद मरीज की मौत को लेकर दिल्ली सरकार ने जांच समिति गठित की

जीटीबी अस्पताल में पंखा गिरने के बाद मरीज की मौत को लेकर दिल्ली सरकार ने जांच समिति गठित की
Modified Date: July 20, 2026 / 10:48 pm IST
Published Date: July 20, 2026 10:48 pm IST

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ पंकज सिंह ने गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) अस्पताल में कथित रूप से पंखा गिरने से एक मरीज की मौत की जांच करने के लिए सोमवार को एक गठित करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल के आपातकालीन वार्ड के अंदर कथित तौर पर छत का पंखा गिरने से 42 वर्षीय मरीज की मौत हो गई। उसके परिवार ने इस घटना की जांच की मांग की थी।

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को इस मामले की विस्तृत जानकारी दी।

स्वास्थ्य विभाग ने बैठक में मंत्री को अवगत कराया कि घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेष सचिव (स्वास्थ्य) की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

सिंह ने कहा कि जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध उचित एवं कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने दोहराया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जीटीबी अस्पताल ने रविवार के बयान में कहा कि मरीज की मौत उसकी मौजूदा चिकित्सीय स्थिति के कारण हुई, न कि छत का पंखा गिरने की घटना के कारण।

सिंह ने सोमवार को स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस अहम बैठक में विशेष रूप से मानसून के मौसम को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहे तथा मरीजों के लिए जरूरी पैथोलॉजी और अन्य जांच सुविधाएं बिना किसी बाधा के संचालित हों।

मानसून के दौरान डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया सहित अन्य मौसमी एवं वेक्टर जनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने सभी अस्पतालों को पूरी तरह सतर्क और तैयार रहने के निर्देश दिए।

भाषा नोमान नोमान दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में