दिल्ली सरकार 802 करोड़ रु की लागत 241 सड़कों का करेगी कायाकल्प

दिल्ली सरकार 802 करोड़ रु की लागत 241 सड़कों का करेगी कायाकल्प

दिल्ली सरकार 802 करोड़ रु की लागत 241 सड़कों का करेगी कायाकल्प
Modified Date: February 17, 2026 / 07:53 pm IST
Published Date: February 17, 2026 7:53 pm IST

नयी दिल्ली, 17 फरवरी (भाषा) मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली सरकार ने 45 से ज्यादा विधानसभाओं की तकरीबन 400 किलोमीटर लंबी सड़कों को गड्ढामुक्त, समतल और लंबे समय तक टिकाऊ बनाने के लिए व्यापक सड़क सुधार परियोजना को मंजूरी दी है। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी बयान के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मजबूत सड़कों को शहर की विकास यात्रा की रीढ़ बताते हुए कहा कि बेहतर सड़कें होंगी तो यातायात सुगम होगा, दुर्घटनाएं कम होंगी और लोगों का समय बचेगा।

गुप्ता ने कहा कि उन्नत तकनीक के माध्यम से दिल्ली की 241 से अधिक प्रमुख सड़कों के पुनर्विकास की कुल लागत 802.18 करोड़ रुपये है जिसमें से 643.36 करोड़ रुपये केंद्र सरकार के केंद्रीय सड़क अवसंरचना कोष (सीआरआईएफ) से प्राप्त होंगे, जबकि 158.82 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार उपलब्ध कराएगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य केवल मरम्मत नहीं, बल्कि स्थायी समाधान देना है।

योजना के अनुसार, जिन सड़कों को ठीक किया जाएगा उनमें अलग-अलग विधानसभाओं की लगभग 400 किलोमीटर लंबी कुल 241 से ज्यादा प्रमुख सड़कें शामिल हैं।

मुख्यमंत्री का कहना है कि अक्सर सड़कों पर केवल बीच का हिस्सा ठीक किया जाता है या जहां गड्ढे होते हैं वहीं ‘पैचवर्क’ कर दिया जाता है जिससे कुछ समय बाद सड़क फिर खराब हो जाती है।

उन्होंने कहा कि नई प्रणाली में पूरी सड़क को एक समान रूप से ‘वॉल-टू-वॉल’ तैयार किया जाएगा, जिससे उसकी मजबूती और आयु दोनों बढ़ेगी।

गुप्ता ने बताया कि पूरी चौड़ाई में समतल और सीलबंद सतह बनने से धूल और वायु प्रदूषण में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।

उन्होंने कहा, “टूटी-फूटी सड़कों से वाहनों की आवाजाही के दौरान मिट्टी और बारीक कण हवा में उड़ते हैं, जो प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं। अब नए तरीके से सड़कों को बनाने से हवा में उड़ने वाले पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता व वायु गुणवत्ता बेहतर होगी।”

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरी परियोजना को साल के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और काम को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा ताकि यातायात पर कम से कम असर पड़े और लोगों को असुविधा न हो।

उन्होंने कहा, “सड़क की बेस लेयर की जांच, आवश्यकतानुसार सुदृढ़ीकरण, जल निकासी की व्यवस्था और अंतिम कारपेटिंग जैसे सभी चरणों को तकनीकी मानकों के अनुसार पूरा किया जाएगा। इससे बरसात में जलभराव की समस्या कम होगी और सड़कें लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगी। हम ऐसी सड़कें बनाना चाहते हैं जो वर्षों तक टिकें और लोगों को सुरक्षित यात्रा का भरोसा दें।”

गुप्ता ने बताया कि पिछले साल भी दिल्ली सरकार ने इसी तकनीक से करीब 150 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया था।

भाषा नोमान नोमान रंजन

रंजन

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