दिल्ली उच्च न्यायालय ने धनशोधन मामले में शक्तिभोग के सीएमडी की जमानत मंजूर की

दिल्ली उच्च न्यायालय ने धनशोधन मामले में शक्तिभोग के सीएमडी की जमानत मंजूर की

दिल्ली उच्च न्यायालय ने धनशोधन मामले में शक्तिभोग के सीएमडी की जमानत मंजूर की
Modified Date: March 17, 2023 / 09:54 pm IST
Published Date: March 17, 2023 9:54 pm IST

नयी दिल्ली, 17 मार्च (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने करोड़ों रुपये की बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े धनशोधन जांच मामले में शक्तिभोग फूड्स के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (सीएमडी) केवल कृष्ण कुमार को शुक्रवार को जमानत दे दी।

न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने 70-वर्षीय कुमार को स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर राहत देते हुए कहा कि याचिकाकर्ता 18 महीने से अधिक समय से हिरासत में हैं और यद्यप़ि, आरोप पत्र दायर किया जाना बाकी है, लेकिन उनके खिलाफ जांच पूरी हो चुकी है।

जुलाई 2021 में गिरफ्तार किये गये कुमार ने इस आधार पर जमानत मांगी कि वह ‘बीमार’ और ‘दुर्बल व्यक्ति’ की श्रेणी में आते हैं तथा इस प्रकार धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत रिहाई के हकदार हैं।

अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि आरोपी हर बीमारी में पीएमएलए के तहत जमानत का हकदार नहीं होगा और राहत तभी दी जा सकती है, जब हालत इतनी गंभीर हो कि उसका इलाज जेल में न हो सके।

न्यायाधीश ने कुमार को एक लाख रुपये की जमानत के साथ एक निजी मुचलका भरने को कहा और उन्हें जमानत अवधि के दौरान देश न छोड़ने तथा अपना पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

अदालत ने यह भी कहा कि जब यह मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध हो तो वह निचली अदालत के सामने जरूर पेश हों, अपने मोबाइल फोन को चालू हालत में रखें और किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल न हों या सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करें।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस आधार पर जमानत याचिका का विरोध किया कि आरोपी की हालत स्थिर है और उन्हें मेडिकल जमानत पर रिहा नहीं किया जाना चाहिए।

ईडी द्वारा शक्तिभोग फूड्स लिमिटेड के खिलाफ धनशोधन का मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक प्राथमिकी पर आधारित था।

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा कंपनी के खिलाफ 3,269 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करने के बाद कंपनी और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ सीबीआई ने प्राथमिकी दर्ज की थी।

भाषा सुरेश नरेश

नरेश


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