नयी दिल्ली, 24 अगस्त (भाषा) दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के प्रवक्ता सौरव दास की उस याचिका पर टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा और कई विधि पोर्टल एवं मीडिया मंचों से जवाब देने को कहा जिसमें उन पर दास के आवासीय पते से जुड़ी जानकारी कथित रूप से सार्वजनिक करने के लिए कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
दास ने अपनी याचिका में उनकी निजता, गरिमा और सुरक्षा के अधिकार की रक्षा किए जाने तथा निजता के अधिकार के कथित उल्लंघन के लिए हर्जाना दिए जाने का अनुरोध किया है।
न्यायमूर्ति सचिन दत्ता ने याचिका और अंतरिम निषेधाज्ञा संबंधी आवेदन पर अय्यर मित्रा, ‘एक्स’, गूगल तथा कई विधि पोर्टल और मीडिया मंचों को नोटिस एवं समन जारी किए और मामले की अगली सुनवाई के लिए 14 सितंबर की तिथि निर्धारित की।
अदालत ने याचिकाकर्ता को सही पक्षकार को शामिल करते हुए पक्षकारों की संशोधित सूची दाखिल करने के लिए भी समय दिया।
दास ने अय्यर मित्रा, ‘एक्स’, गूगल तथा कई विधि पोर्टल और मीडिया मंचों को उनके आवासीय पते से जुड़ी जानकारी प्रकाशित, प्रसारित या सार्वजनिक करने से स्थायी रूप से रोकने और ऐसी जानकारी देने वाले वीडियो एवं पोस्ट हटाने तथा उन तक लोगों की पहुंच बाधित करने का निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया है।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) ने दास के आवासीय पते का खुलासा करने वाले ट्वीट हटा दिए हैं।
दास ने याचिका में कहा कि वह पिछले वर्ष से यहां ग्रेटर कैलाश में किराये के एक कमरे में रह रहे हैं और प्रतिवादियों ने उनके आवासीय पते, उनकी पृष्ठभूमि और माता-पिता से जुड़ी जानकारी समेत अन्य निजी जानकारियां गैरकानूनी तरीके से हासिल कर उन्हें प्रकाशित एवं प्रसारित किया।
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सिम्मी मनीषा
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