मथुरा की अदालत के बाहर से अगवा किये गये दिल्ली के व्यक्ति को बचाया गया, सात आरोपी पकड़े गए

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मथुरा की अदालत के बाहर से अगवा किये गये दिल्ली के व्यक्ति को बचाया गया, सात आरोपी पकड़े गए

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  • Publish Date - July 31, 2026 / 05:12 PM IST,
    Updated On - July 31, 2026 / 05:12 PM IST

नयी दिल्ली, 31 जुलाई (भाषा) मथुरा की एक अदालत में पेश होने के बाद कथित तौर पर अगवा किए गए दिल्ली के एक व्यक्ति को मुक्त करा लिया गया, जबकि उसका अपहरण कर 1.2 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग करने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

पुलिस ने कहा कि अपहरणकर्ताओं ने कथित तौर पर पीड़त परिवार को 80 हजार रुपये देने के लिए मजबूर किया और इसके बाद अधिक पैसों की मांग करते रहे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा में अपहरणकर्ताओं का पता लगा लिया और अपहृत व्यक्ति को मुक्त करा लिया।

पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि बुराड़ी निवासी पीड़ित राजन रंजन मिश्रा ने उन्हें और उनके रिश्तेदारों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर 2022 और 2023 में लाखों रुपये ठग लिये थे।

पुलिस ने बताया कि जब नौकरी का वादा पूरा नहीं हुआ और पैसे नहीं लौटाए गए, तो उसके खिलाफ मथुरा में कई शिकायतें दर्ज की गईं और मिश्रा को 2025 में धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया गया तथा बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने 23 जुलाई को मथुरा की अदालत के बाहर मिश्रा का कथित तौर पर अपहरण कर लिया, ताकि वे उन पैसों की वसूली कर सकें जो उन्होंने उसे दिए थे।

मिश्रा अपने खिलाफ दर्ज धोखाधड़ी के मामले से जुड़ी सुनवाई में शामिल होने मथुरा गया था।

उत्तर दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) राजा बांठिया ने कहा, ‘‘जब वह (मिश्रा) वापस नहीं लौटा तो उसकी पत्नी ने अगले दिन बुराड़ी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।’’ इसके तुरंत बाद, उसे अपने पति के मोबाइल फोन से कॉल आने लगीं।

अधिकारी ने बताया कि फोन करने वालों ने दावा किया कि उन्होंने मिश्रा को अगवा कर लिया है और उसकी रिहाई के लिए 1.2 करोड़ रुपये की मांग की।

अधिकारी ने कहा कि अपहरणकर्ताओं के निर्देशानुसार, महिला ने अपने पति की अर्टिगा कार में 80 हजार रुपये नकद रखे और द्वारका के यशोभूमि मेट्रो स्टेशन तक कार ले जाने के लिए एक ऐप-आधारित मंच से चालक का इंतज़ाम किया। पैसे मिलने के बावजूद, उन्होंने कथित तौर पर और फिरौती की मांग जारी रखी, जिसके बाद परिवार ने पुलिस को सूचित किया।

अधिकारी ने बताया, ‘‘फिरौती के लिए अपहरण का मामला दर्ज किया गया और पीड़ित का पता लगाने के लिए एक विशेष टीम बनाई गई। पुलिस ने ऐप-आधारित सेवा मंच के डेटा का विश्लेषण किया, सीसीटीवी फुटेज की जांच की और पीड़ित के मोबाइल फोन की लोकेशन को ट्रैक किया। इससे जांचकर्ता सबसे पहले गुरुग्राम के एक होटल तक पहुंचे, लेकिन संदिग्ध पहले ही भाग चुके थे।’

डीसीपी ने बताया कि आखिरकार टीम ने 29 जुलाई को मथुरा के वृंदावन इलाके के गोपालगढ़ में एक घर पर छापा मारा, जहां पीड़ित को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था और उसके साथ मारपीट की गई थी।

पुलिस ने बताया कि इस घर से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनकी पहचान संतोष, आर. गुणशेखर, केशवन्म, पी. अरुण, विनोद और रोहन के तौर पर हुई तथा उसी दिन मथुरा शहर से उनके एक अन्य साथी गजराज को भी पकड़ लिया गया।

पुलिस ने बताया कि उन्होंने अपराध में इस्तेमाल की गई दो कारें और पीड़ित का मोबाइल फोन, सिम कार्ड और एटीएम कार्ड भी बरामद कर लिया।

भाषा नोमान नोमान सुरेश

सुरेश