Delhi Bus Gangrape Case : राजधानी में फिर ताजा हुईं ‘निर्भया कांड’ की खौफनाक यादें! चलती स्लीपर बस में महिला से गैंगरेप, आपबीती सुनकर कांप उठेगी रूह

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दिल्ली के रानी बाग इलाके में एक महिला के साथ चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने बस को जब्त कर ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद मामले की जांच जारी है।

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  • Publish Date - May 14, 2026 / 10:40 AM IST,
    Updated On - May 14, 2026 / 10:45 AM IST

Delhi Bus Gangrape Case / Credit : shutterstock

HIGHLIGHTS
  • दिल्ली के रानी बाग इलाके में महिला के साथ चलती स्लीपर बस में कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया।
  • पुलिस ने बिहार नंबर की बस जब्त कर ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।
  • मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है।

नई दिल्ली: Delhi Bus Gangrape Case देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर 2012 के ‘निर्भया कांड’ जैसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। रानी बाग इलाके में सोमवार देर रात काम से घर लौट रही 30 साल की एक महिला का अपहरण कर चलती हुई स्लीपर बस में गैंगरेप किया गया। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल बिहार रजिस्ट्रेशन नंबर वाली बस को जब्त कर लिया है और पीड़िता के बयान के आधार पर केस दर्ज कर बस ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है।

दो घंटे तक चलती बस में रेप

मिली जानकारी के अनुसार यह पूरी वारदात 2 दिन पहले की है। मंगोलपुरी की एक फैक्ट्री में काम करने वाली पीड़िता सोमवार रात जब पैदल अपने घर लौट रही थी, तभी सरस्वती विहार बस स्टैंड के पास रुकी एक स्लीपर बस के स्टाफ से उसने समय पूछा। Delhi Nirbhaya Type Case समय बताने के बहाने आरोपियों ने उसे जबरन चलती बस के अंदर खींच लिया और दरवाजा बंद कर दिया। नांगलोई मेट्रो स्टेशन तक करीब 7 किलोमीटर के दायरे में दो घंटे तक चलती बस में दो युवकों ने उसके साथ दुष्कर्म किया।

मेडिकल परीक्षण में रेप की पुष्टि

Delhi Cime News इस घटना को अंजाम देने के बाद करीब 2 बजे उसे खून से लथपथ हालत में सड़क पर फेंककर फरार हो गए। बस के अंदर पर्दे लगे होने के कारण बाहर से कुछ दिखाई नहीं दिया। बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल में हुए मेडिकल परीक्षण में रेप की पुष्टि हुई है।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी

गंभीर स्थिति के बावजूद पीड़िता ने अस्पताल में भर्ती होने से इनकार कर दिया, क्योंकि उसके पति टीबी के मरीज हैं और घर पर 8, 6 और 4 साल की तीन मासूम बेटियां हैं, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है।इधर, रानी बाग पुलिस ने फॉरेंसिक टीम की मदद से बस से सबूत जुटाए हैं। पुलिस ने बस मालिक से संपर्क कर आरोपियों की पहचान की और बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार किया है।

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