कॉजपा के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप

कॉजपा के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप

कॉजपा के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस पर बल प्रयोग का आरोप
Modified Date: July 20, 2026 / 10:32 pm IST
Published Date: July 20, 2026 10:32 pm IST

(फोटो के साथ)

नयी दिल्ली, 20 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) ने सोमवार को आरोप लगाया कि उसके ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ अत्यधिक बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो के साथ भी धक्का-मुक्की की गई।

जंतर-मंतर पर मंच हटाए जाने के बाद कॉजपा ने केरल हाउस के निकट धरना जारी रखा।

कॉजपा के ये आरोप उस समय सामने आए जब संसद की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने तितर-बितर कर दिया और प्रदर्शन स्थल को खाली करा दिया।

शाम तक कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके, पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका, सौरव दास और गीतांजलि अंगमो केरल हाउस के निकट धरने पर बैठे रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा।

दीपके ने आरोप लगाया, ‘‘पुलिस ने बेहद क्रूरता दिखाई। यहां प्रदर्शन कर रहे कई छात्रों के सिर फट गए। यहां तक कि 15-वर्षीय एक लड़की को भी एक पुरुष पुलिसकर्मी ने बेरहमी से पीटा। एक पुरुष पुलिसकर्मी ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो के बाल पकड़ने की भी कोशिश की। उन्हें लाठी से मारने और वाहन से घसीटकर बाहर निकालने का भी प्रयास किया गया।’’

अंगमो ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि इस आंदोलन को लगभग 25 लाख युवाओं का समर्थन मिला है, जो देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक चिंता को दर्शाता है।

अंगमो ने कहा, ‘‘यह दर्शाता है कि हमारी शिक्षा व्यवस्था, शिक्षा नीतियों और इस क्षेत्र के समग्र प्रशासन में गंभीर खामियां हैं, जिनका असर हर युवा पर पड़ रहा है। सरकार को उनकी चिंताओं पर जल्द ध्यान देना चाहिए। सुशासन का अर्थ युवाओं की आवाज सुनना और इस मुद्दे का बिना देरी समाधान करना है।’’

अंगमो ने कहा कि सफदरजंग अस्पताल में आमरण अनशन कर रहे सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं। इनमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, मंत्रिमंडल के सदस्यों और सांसदों द्वारा मानसून सत्र के दौरान शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने का आश्वासन तथा प्रदर्शनकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर सरकार की कार्रवाई शामिल है।

इस ज्ञापन में नीट प्रश्नपत्र लीक से लेकर सरकारी स्कूलों की स्थिति तक के मुद्दे शामिल हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘इन आश्वासनों के मिलने पर ही सोनम अपना अनशन समाप्त करेंगे।’’

हालांकि, दिल्ली पुलिस ने अंगमो के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों से इनकार किया।

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अंगमो के साथ मारपीट किए जाने या उनके बाल खींचे जाने के दावे ‘‘पूरी तरह झूठे और भ्रामक’’ हैं।

पुलिस ने कहा, ‘‘किसी भी व्यक्ति के साथ जानबूझकर मारपीट नहीं की गई और दुर्भावनापूर्ण बल प्रयोग या किसी व्यक्ति को निशाना बनाए जाने के सभी दावे पूरी तरह निराधार हैं।’’

कॉजपा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के बावजूद उसका आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने कहा कि जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद भी दीपके, रांका, दास और अंगमो केरल हाउस के निकट धरने पर बैठे हैं और ‘‘यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।’’

भाषा रवि कांत सुरेश

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