दिल्ली पुलिस ने करोड़ों रुपये के रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने करोड़ों रुपये के रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने करोड़ों रुपये के रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में भगोड़े अपराधी को गिरफ्तार किया
Modified Date: June 13, 2026 / 11:06 am IST
Published Date: June 13, 2026 11:06 am IST

नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) कई निवेशकों से जुड़े करोड़ों रुपये के रियल एस्टेट धोखाधड़ी मामले में वर्षों से गिरफ्तारी से बच रहे एक भगोड़े अपराधी को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

आरोपी की पहचान शिव नंदन सिंह यादव के रूप में हुई है। वह 2019 में दर्ज नौ प्राथमिकियों में वांछित था। इन मामलों में कई पीड़ितों ने शिकायत की थी कि उन्हें एक ऐसे आवासीय परियोजना में निवेश करने के लिए ठगा गया, जो कभी अस्तित्व में ही नहीं आई। उसे शुक्रवार को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, ये मामले शाहदरा जिला स्थित कड़कड़डूमा अदालत के मुख्य महानगर दंडाधिकारी के निर्देश पर दर्ज किए गए थे।

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जांच में पता चला कि सभी शिकायतों में आरोपियों का एक ही समूह एम/एस जीआरपीएल ग्लोब रियल्टी प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से काम कर रहा था।

पुलिस ने बताया कि कंपनी ने 2013 में ग्रेटर फरीदाबाद के तिलोरी खादर गांव में ‘‘कृष्ण कुंज टाउनशिप’’ नामक आवासीय परियोजना शुरू की थी।

कंपनी ने विज्ञापनों और एक विकसित आवासीय टाउनशिप का आश्वासन देकर लोगों को आवासीय भूखंडों में निवेश करने के लिए कथित तौर पर प्रेरित किया।

प्रस्तावित परियोजना में लगभग 10.26 एकड़ भूमि पर 496 आवासीय भूखंड विकसित किए जाने थे। हालांकि, जांच में पाया गया कि कंपनी और उसके निदेशकों ने परियोजना के संबंध में तथ्यों को कथित रूप से गलत ढंग से प्रस्तुत किया था और टाउनशिप विकसित करने के लिए उनके पास पर्याप्त वैध भूमि भी नहीं थी।

निवेशकों से बड़ी रकम जुटाने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर वादा किए गए भूखंड नहीं दिए और परियोजना को बीच में ही छोड़ दिया, जिससे खरीदारों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

पुलिस ने बताया कि यादव 2019 से फरार था और लगातार कानूनी कार्रवाई से बचता रहा। कई वर्षों तक उसका पता नहीं चलने पर 2023 में अदालत ने उसे सभी नौ मामलों में भगोड़ा अपराधी घोषित किया था।

भाषा गोला शोभना

शोभना


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