दिल्ली पुलिस ने बिश्नोई-मलिक गिरोह से जुड़े व्यक्ति को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने बिश्नोई-मलिक गिरोह से जुड़े व्यक्ति को गिरफ्तार किया

दिल्ली पुलिस ने बिश्नोई-मलिक गिरोह से जुड़े व्यक्ति को गिरफ्तार किया
Modified Date: August 22, 2026 / 06:44 pm IST
Published Date: August 22, 2026 6:44 pm IST

नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने लॉरेंस बिश्नोई-रणदीप मलिक गिरोह से कथित तौर पर जुड़े 40 वर्षीय एक व्यक्ति को दो करोड़ रुपये के रंगदारी मामले में गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान अमरजीत उर्फ अमर के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि आरोपी को लगातार तकनीकी और जमीनी स्तर पर निगरानी के बाद रानी बाग इलाके से गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता के पुलिस से संपर्क करने के बाद अप्रैल में मौर्या एन्क्लेव थाने में एक मामला दर्ज किया गया था। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि उसे एक ऐसे व्यक्ति के फोन और संदेश मिले थे, जिसने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का रणदीप मलिक बताया था।

पुलिस के अनुसार फोन करने वाले ने कथित तौर पर दो करोड़ रुपये की मांग की और धमकी दी कि यदि रकम नहीं देने पर शिकायतकर्ता और उसके परिवार की हत्या कर दी जाएगी। पुलिस के अनुसार शिकायतकर्ता ने पुलिस को चैट और संदेश भी सौंपे थे।

विशेष पुलिस आयुक्त (अपराध शाखा) एचजीएस धालीवाल ने बताया कि अमरजीत कथित तौर पर रंगदारी मामले में शामिल था और फरार था। उन्होंने बताया कि उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 84 के तहत कार्यवाही भी शुरू की गई थी जबकि दिल्ली उच्च न्यायालय में उसकी अंतरिम जमानत याचिका भी खारिज हो चुकी थी।

धालीवाल ने बताया कि एक विशेष सूचना के आधार पर पुलिस टीम 20 अगस्त को शाम करीब 5 बजे रानी बाग के मुल्तानी मोहल्ला पहुंची और अमरजीत की मौजूदगी की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस टीम को देख लिया और भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने पीछा करके उसे पकड़ लिया।

उन्होंने बताया कि इसके बाद उसे द्वारका स्थित अपराध शाखा कार्यालय लाया गया और औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अमरजीत के कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और रणदीप मलिक गिरोहों से संबंध थे और रंगदारी के लिए संभावित लक्ष्य की पहचान करने में भूमिका निभाई थी।

पुलिस ने बताया कि रंगदारी की रकम क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से मांगी गई थी। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता को कथित तौर पर मांगी गई रकम अंतरित करने के लिए एक पेमेंट लिंक भी भेजा गया था।

पुलिस के अनुसार उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के त्रिनगर निवासी अमरजीत ने 10वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और पहले करोल बाग के मोबाइल फोन बाजार में काम करता था। पुलिस के अनुसार, वह इस साल अप्रैल तक कथित रूप से अवैध शराब के कारोबार में शामिल था और रंगदारी का मामला दर्ज होने के बाद भूमिगत हो गया था।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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