धर्मांतरण के लिए बगैर एफसीआरए पंजीकरण के विदेश से धन हासिल करने पर पादरी के ठिकानों पर छापेमारी
धर्मांतरण के लिए बगैर एफसीआरए पंजीकरण के विदेश से धन हासिल करने पर पादरी के ठिकानों पर छापेमारी
नयी दिल्ली, 22 अगस्त (भाषा) ईडी ने अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के बीच धर्म परिवर्तन और धर्म प्रचार गतिविधियों के लिए एफसीआरए पंजीकरण के बिना विदेश से धन प्राप्त करने के आरोप में शनिवार को एक पादरी के ठिकानों पर छापेमारी की।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बताया कि यह कार्रवाई 21 अगस्त को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के प्रावधानों के तहत जयपुर में पादरी के दो ठिकानों पर की गई।
केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि जांच दो करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी चंदे के ‘दुरुपयोग’ से जुड़ी है, जो एफसीआरए के तहत पंजीकरण के बिना और बताए गए उद्देश्य के अलावा अन्य कामों के लिए प्राप्त किया गया था।
ईडी ने कहा कि उसे मिली खुफिया जानकारी के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
एजेंसी के अनुसार, ‘होप मिनिस्ट्री’ से जुड़े प्रोटेस्टेंट मिशनरी के पादरी रवि मोहन पहाड़िया ने ‘अवैध रूप से’ विदेश से दो करोड़ रुपये हासिल किए थे।
ईडी ने बताया कि यह धन मुख्य रूप से अमेरिका में रहने वाले थॉमस यूजीन लिंच नामक दानदाता से मिला था और इसका इस्तेमाल जयपुर में एससी-वाल्मीकि और दक्षिण राजस्थान के आदिवासी बहुल इलाकों में एसटी-भील समुदायों के बीच धर्म प्रचार और धर्म परिवर्तन की गतिविधियों के लिए किया गया।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष

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