दिल्ली पुलिस ने इंदौर में फर्जी कॉल सेंटर का भंड़ाफोड़ किया, छह गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इंदौर में फर्जी कॉल सेंटर का भंड़ाफोड़ किया, छह गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस ने इंदौर में फर्जी कॉल सेंटर का भंड़ाफोड़ किया, छह गिरफ्तार
Modified Date: August 5, 2026 / 09:16 pm IST
Published Date: August 5, 2026 9:16 pm IST

नयी दिल्ली, पांच अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने मध्य प्रदेश के इंदौर में साइबर ठगी के लिए चलाए जा रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का भंड़ाफोड़ किया है और छह लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि कॉल सेंटर ने कथित तौर पर फर्जी शेयर और विदेशी मुद्रा में निवेश का लालच देकर लोगों के साथ ठगी की।

उन्होंने कहा कि द्वारका जिला पुलिस ने छह आरोपियों को तीन अगस्त को गिरफ्तार किया था। यह कार्रवाई दिल्ली निवासी व्यक्ति की शिकायत पर जांच के दौरान की गई। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि शेयरों और विदेशी मुद्रा में निवेश के नाम पर उससे कथित तौर पर 17.3 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है।

पुलिस ने कहा कि अवैध कॉल सेंटर एक प्रतिष्ठित निवेश कंपनी की आड़ में इंदौर के एक शॉपिंग मॉल से संचालित हो रहा था। छापेमारी के दौरान, पुलिस ने 28 सीपीयू, 25 मोबाइल फोन और कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए।

पुलिस ने कहा कि जब्त किए गए कंप्यूटरों में हजारों निवेशकों के व्यक्तिगत और वित्तीय विवरण हैं।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को भारतीय शेयर बाजार में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करते और उनका विश्वास जीतने के बाद पीड़ितों को फर्जी विदेशी मुद्रा व्यापार मंच पर ले जाते, जहां उन्हें बड़ी रकम निवेश करने के वास्ते लुभाने के लिए मनगढ़ंत मुनाफे दिखाते।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘जब निवेशक अपना पैसा वापस लेने की मांग करते, तो उन्हें या तो झूठे बहाने दिए जाते या फर्जी व्यापारिक घाटा दिखाया जाता।’

पुलिस ने बताया कि सभी छह आरोपी इंदौर के निवासी हैं और कॉल सेंटर में कॉल करने वाले कर्मी या टीम लीडर के रूप में काम करते थे और उन्हें मासिक वेतन मिलता था व पीड़ितों से ठगे गए पैसे के हिसाब से कमीशन भी मिलता था।

अधिकारी ने कहा कि जब्त किए गए डेटा की जांच में अब तक पता चला है कि यह गिरोह राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 54.70 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़ा है। इन शिकायतों के पीड़ित दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, बिहार सहित कई राज्यों के हैं।

उन्होंने कहा कि गिरोह के सरगना और अन्य सदस्यों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।

भाषा नोमान दिलीप

दिलीप


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