दिल्ली पुलिस ने फर्जी एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने फर्जी एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें छापने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया, तीन आरोपी गिरफ्तार
नयी दिल्ली, 17 जनवरी (भाषा) दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एनसीईआरटी की नकली पाठ्यपुस्तकों की छपाई और आपूर्ति में शामिल एक नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने करीब 45,000 नकली किताबें बरामद कीं और इसके अलावा लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य की छपाई मशीनरी और सामग्री भी जब्त की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
यह कार्रवाई अपराध शाखा के विशेष प्रकोष्ठ द्वारा की गई। अधिकारियों ने कहा कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था और शिक्षा व्यवस्था को कमजोर कर रहा था।
पुलिस के अनुसार, दिल्ली और गाजियाबाद में की गई छापेमारी के दौरान कुल 44,862 नकली एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें जब्त की गईं। नकली प्रतियां बनाने में इस्तेमाल होने वाली दो ऑफसेट प्रिंटिंग मशीनें, पेपर रील, स्याही और एल्युमीनियम प्रिंटिंग प्लेट भी जब्त की गईं।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहदरा के सुमित (35), प्रीत विहार के विनोद जैन (65) और यमुना विहार के कनिष्क (32) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि ये तीनों एनसीईआरटी की नकली पाठ्यपुस्तकों के भंडारण, छपाई और वितरण में शामिल थे।
यह कार्रवाई 10 नवंबर 2025 को प्राप्त विशिष्ट खुफिया जानकारी के बाद की गई, जिसमें बताया गया था कि दरियागंज स्थित एक गोदाम का कथित तौर पर नकली पुस्तकों के भंडारण और आपूर्ति के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
अधिकारियों ने बताया कि सूचना मिलने पर अपराध शाखा की एक टीम ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) के कानूनी प्रतिनिधियों के साथ गोदाम पर छापा मारा और 12,755 नकली पाठ्यपुस्तकें जब्त कीं। इसके बाद भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और कॉपीराइट अधिनियम 1957 के प्रावधानों के तहत अपराध शाखा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
टीम ने शुक्रवार (16 जनवरी) को गाजियाबाद के लोनी जिले के जावली गांव में एक अवैध छपाई इकाई पर छापा मारा और सुमित को गिरफ्तार किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि रिस्टल रोड पुलिया के पास स्थित यह कारखाना नकली एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकों की छपाई का एक प्रमुख केंद्र था। छापेमारी के दौरान 32,107 नकली पाठ्यपुस्तकें और छपाई में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी जब्त किया गया।
भाषा
शुभम अविनाश
अविनाश

Facebook


