दिल्ली पुलिस ने कॉजपा के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर बैठक की

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दिल्ली पुलिस ने कॉजपा के प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के इस्तेमाल पर बैठक की

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 08:45 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 08:45 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) कॉकरोच जनता पार्टी के 20 जुलाई के ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान द्रुत कार्रवाई बल (आरएएफ) द्वारा प्लास्टिक छर्रों सहित गैर-घातक हथियारों के उपयोग के संबंध में संसद मार्ग थाने में दर्ज की गई एक सामान्य डायरी (जीडी) प्रविष्टि पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। पुलिस सूत्रों ने यह जानकारी दी।

सूत्रों ने कहा कि बैठक में दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें 22 जुलाई को अपराह्न 1.24 बजे दर्ज की गई जनरल डायरी (जीडी) प्रविष्टि से जुड़ी परिस्थितियों और जंतर मंतर के पास जोन -1 में दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी की उपस्थिति के उल्लेख पर ध्यान केंद्रित किया गया। उस वक्त कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों पर बल का प्रयोग किया गया था।

सूत्र के अनुसार, जिस अधिकारी की उपस्थिति जीडी प्रविष्टि में दर्ज की गई थी, उसने उस स्थान पर होने से इनकार किया है, जहां पैलेट गन चलाए गए थे। उसने कहा है कि वह घटना के दौरान उस स्थान से लगभग आधा किलोमीटर दूर था।

सूत्र ने यह भी कहा कि वरिष्ठ अधिकारी इस बात पर भी चर्चा कर रहे थे कि 20 जुलाई को हुई एक घटना से संबंधित जीडी प्रविष्टि दो दिन बाद क्यों दर्ज की गई, और वह भी दोपहर में।

यह घटनाक्रम उन आरोपों को लेकर विवाद के बीच आया है कि नीट-यूजी पेपर लीक मुद्दे पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया था।

‘पीटीआई-भाषा’ द्वारा देखे गए आधिकारिक पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, जीडी प्रविष्टि 22 जुलाई को आरएएफ के एक उप कमांडेंट-रैंक के अधिकारी द्वारा प्रदान की गई जानकारी के आधार पर दर्ज की गई थी। प्रविष्टि में कहा गया है कि जोन-1 में दिल्ली पुलिस के उपायुक्त-रैंक के अधिकारी के साथ तैनात आरएएफ कर्मियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के बाद 20 जुलाई को कई गैर गैर-घातक गोलियां चलाईं।

थाने के अभिलेखों के मुताबिक, 20 जुलाई को डीसीपी के निर्देश पर आरएएफ ने 55 नॉन-इलेक्ट्रिकल शेल, 15 इलेक्ट्रिकल शेल, पांच आंसू गैस के गोले दागे थे। इसके अलावा कम घातक दंगा-रोधी बंदूक से दो और पैलेट गन से भी दो गोलियां चलाई गईं।

दिल्ली पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों” के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल के दावे पूरी तरह “झूठे और भ्रामक” हैं।

भाषा नोमान नोमान दिलीप

दिलीप