साइबर धोखाधड़ी : 18 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली में सर्वाधिक ई-ज़ीरो प्राथमिकी दर्ज

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साइबर धोखाधड़ी : 18 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली में सर्वाधिक ई-ज़ीरो प्राथमिकी दर्ज

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  • Publish Date - July 28, 2026 / 10:35 PM IST,
    Updated On - July 28, 2026 / 10:35 PM IST

नयी दिल्ली, 28 जुलाई (भाषा) सरकार ने मंगलवार को संसद को बताया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में ‘ई-जीरो’ प्राथमिकी दर्ज करने के मामले में दिल्ली उन 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष पर है, जहां यह व्यवस्था लागू की गई है।

गृह राज्य मंत्री बी. संजय कुमार ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में लोकसभा में कहा कि केंद्र सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में ‘ई-जीरो’ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए एक मंच उपलब्ध कराया है।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) या हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से दर्ज ऐसी शिकायतें, जिनमें वित्तीय नुकसान की एक निश्चित सीमा (जिसका निर्धारण संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश करता है) से अधिक राशि शामिल होती है, स्वत: राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के ई-अपराध थाने में ‘ई-जीरो’ प्राथमिकी में बदल जाती हैं।

मंत्री ने बताया कि इसके बाद यह प्राथमिकी तत्काल संबंधित क्षेत्र के साइबर अपराध थाने को भेज दी जाती है। शिकायतकर्ता को तीन दिन के भीतर संबंधित थाने में जाकर ‘जीरो एफआईआर’ को नियमित प्राथमिकी में परिवर्तित कराना होता है।

उन्होंने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 173(1) के तहत किसी संज्ञेय अपराध की सूचना, अपराध कहीं भी हुआ हो, पुलिस थाने के प्रभारी को मौखिक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से दी जा सकती है।

कुमार ने बताया कि ‘ई-जीरो’ प्राथमिकी प्रणाली दिल्ली, चंडीगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गोवा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, असम, ओडिशा, हरियाणा, गुजरात, त्रिपुरा, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, तेलंगाना, बिहार और अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में लागू की गई है।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में मई 2025 में इस प्रणाली के लागू होने के बाद अब तक सबसे अधिक 6,115 ‘ई-जीरो’ प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इसके बाद चंडीगढ़ में 4,174 ई-जीरो प्राथमिकी दर्ज हुई हैं।

मंत्री के अनुसार, उत्तराखंड में 552, गोवा में 446, राजस्थान में 251, असम में 223, हरियाणा में 165 और महाराष्ट्र में 131 ई-जीरो एफआईआर दर्ज की गई हैं।

अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में इनकी संख्या इससे कम रही है।

भाषा सुभाष अविनाश

अविनाश