ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली को निशाना बनाने की शहजाद भट्टी की योजना को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली को निशाना बनाने की शहजाद भट्टी की योजना को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली को निशाना बनाने की शहजाद भट्टी की योजना को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट
Modified Date: August 25, 2026 / 05:55 pm IST
Published Date: August 25, 2026 5:55 pm IST

(सौम्या शुक्ला)

नयी दिल्ली, 25 अगस्त (भाषा) दिल्ली पुलिस ने आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान शहर के सीमावर्ती क्षेत्रों में विस्फोट करने या पुलिस कर्मियों को निशाना बनाने की पाकिस्तान स्थित आतंकवादी शहजाद भट्टी की संभावित योजना से जुड़ी खुफिया जानकारी के बाद निगरानी बढ़ा दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने नाम न छापने के आग्रह पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि एहतियाती उपाय के तहत पुलिस 2,000 से अधिक लोगों पर नज़र रख रही है, जिनमें भगोड़े अपराधी, वर्तमान में ज़मानत पर बाहर आए लोग और वे लोग शामिल हैं, जिन्हें पहले पर्याप्त सबूतों के अभाव में रिहा कर दिया गया था।

अधिकारी के मुताबिक, खुफिया आकलन में आशंका जताई गई है कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान बड़े पैमाने पर जनहानि करने के बजाय मुख्य रूप से दहशत फैलाने और ध्यान आकर्षित करने के इरादे से कम तीव्रता वाला हमला करने का प्रयास किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘खुफिया जानकारी और विश्लेषण से पता चला है कि शहजाद भट्टी दिल्ली में हमले की साजिश रच रहा है। हालांकि, प्रमुख प्रतिष्ठानों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, लेकिन हर कोने को सुरक्षित करना संभव नहीं है। विस्फोट के पीछे का इरादा इसके प्रभाव के बजाय सुर्खियां बटोरना प्रतीत होता है।’

अधिकारी ने बताया कि एक अन्य जानकारी दिल्ली-एनसीआर या आसपास के क्षेत्रों में एक पुलिसकर्मी पर संभावित हमले से संबंधित है। उन्होंने कहा कि भट्टी इस साजिश को अंजाम देने के लिए प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के सदस्यों की सहायता ले सकता है।

भारत 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा और इससे कुछ हफ्ते पहले ही खतरे का यह आकलन आया है।

इस सम्मेलन में सदस्य देशों के नेताओं और वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल दिल्ली आएंगे। इसके मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों को पूरे शहर में निगरानी और एहतियाती उपायों को मजबूत किया है।

इस खुफिया जानकारी को देशभर में कथित शाहज़ाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ चल रही कार्रवाई के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। केंद्र ने हाल में एक प्रमुख आतंकवाद-रोधी अभियान में इस नेटवर्क को निशाना बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि स्वतंत्रता दिवस से पहले 200 से अधिक संदिग्ध गुर्गों को गिरफ्तार किया गया था।

गृह मंत्रालय ने कहा है कि आतंकवाद-रोधी, आपराधिक, हथियार, नशीले पदार्थों और विस्फोटक कानूनों के तहत नेटवर्क के सदस्यों और सहयोगियों के खिलाफ 80 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं।

मंत्रालय के अनुसार, इस कार्रवाई के दौरान ‘इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस’ (आईईडी), हथियार, कारतूस और पाकिस्तान के आयुध कारखानों के चिन्ह वाले ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को कथित तौर पर निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरण भी मिले हैं।

पाकिस्तान से सक्रिय भट्टी ऑनलाइन मंचों के माध्यम से भारत में गुर्गों और आपराधिक सहयोगियों का कथित नेटवर्क बनाने की कोशिश में हैं और वह भारतीय एजेंसियों की जांच के दायरे में है।

जांचकर्ताओं ने उत्तर भारत में ग्रेनेड हमलों, विस्फोटकों और लक्षित हिंसा के कई मामलों में भट्टी नेटवर्क की संलिप्तता बताई है।

सुरक्षा चिंताएं सिर्फ दिल्ली तक ही सीमित नहीं हैं। खुफिया एजेंसियों ने पंजाब पुलिस को अमृतसर क्षेत्र में सैन्य प्रतिष्ठानों के लिए संभावित खतरे के बारे में अलग से सतर्क किया है।

एजेंसियों ने पाकिस्तान स्थित दो कथित गुर्गों का नाम लिया है और दावा किया है कि खासा छावनी और ब्यास के पास बुड्ढा थेह सैन्य प्रतिष्ठान की रेकी की गई थी।

यह जानकारी इसलिए भी अहम है, क्योंकि पांच मई को खासा छावनी की सीमा के पास एक कम तीव्रता का आईईडी विस्फोट हुआ था। हालांकि, जांचकर्ताओं ने इस विस्फोट और नवीनतम खुफिया जानकारी के बीच कोई संबंध स्थापित नहीं किया है।

अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में, पुलिस निगरानी में रखे गए व्यक्तियों का सत्यापन कर रही है और संभावित स्थानीय मददगारों और विदेशी आकाओं से संबंधों की पहचान करने के लिए खुफिया जानकारी का विश्लेषण कर रही है।

भाषा नोमान नोमान दिलीप

दिलीप


लेखक के बारे में