दिल्ली में 18 साल बाद अप्रैल के महीने में हुई सर्वाधिक बारिश

दिल्ली में 18 साल बाद अप्रैल के महीने में हुई सर्वाधिक बारिश

दिल्ली में 18 साल बाद अप्रैल के महीने में हुई सर्वाधिक बारिश
Modified Date: April 18, 2026 / 10:33 pm IST
Published Date: April 18, 2026 10:33 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में हुई बारिश के एक दिन बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के आंकड़ों से पता चला है कि 2008 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब अप्रैल के महीने में इतनी अधिक वर्षा हुई है।

आंकड़ों के अनुसार शनिवार तक दिल्ली में 27.9 मिलीमीटर (मिमी) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जबकि अप्रैल 2008 में कुल 38.6 मिमी वर्षा हुई थी।

इस साल अप्रैल की शुरुआत में हुई बारिश ने महीने के दीर्घकालिक औसत (एलपीए) 16.3 मिमी को काफी पीछे छोड़ दिया है।

दिल्ली की प्रमुख वेधशाला सफदरजंग मौसम विज्ञान केंद्र में शनिवार तक कुल 28.2 मिमी बारिश दर्ज की गई।

अन्य मौसम विज्ञान केंद्रों पर भी एलपीए के मुकाबले काफी अधिक वर्षा दर्ज की गई। पालम में 35.8 मिमी, जबकि आयानगर और लोधी रोड में क्रमश: 36.5 मिमी और 28.1 मिमी वर्षा हुई।

शनिवार के आंकड़ों के अनुसार, सफदरजंग में शुक्रवार सुबह 8.30 बजे से शनिवार सुबह 8.30 बजे तक 24 घंटे में 12.4 मिमी बारिश दर्ज की गई जिसके बाद और बारिश नहीं हुई। इसी अवधि में पालम में 18.6 मिमी और लोधी रोड में 12 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

आईएमडी के एक अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, “एक दिन की वर्षा के लिहाज से देखें तो सफदरजंग में दर्ज 24 घंटे की बारिश 2023 के बाद सबसे अधिक है, जब एक दिन में 16.3 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। पालम का आंकड़ा अप्रैल महीने में एक दिन की सातवीं सबसे अधिक वर्षा है।”

अधिकारी ने बताया कि अप्रैल में अब तक की सबसे अधिक एक दिन की बारिश 16 अप्रैल 1983 को दर्ज की गई थी, जब सफदरजंग में 134 मिमी और पालम में 117.8 मिमी वर्षा हुई थी।

आईएमडी के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में सबसे अधिक कुल वर्षा भी 1983 में ही दर्ज की गई थी।

बारिश के बाद शनिवार को राजधानी में तापमान में गिरावट देखी गई, हालांकि सुबह आसमान साफ रहा और धूप खिली रही। सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.8 डिग्री कम और पिछले दिन से 4.2 डिग्री कम था। अधिकतम तापमान 39.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.7 डिग्री अधिक लेकिन पिछले दिन से 1.5 डिग्री कम था।

अन्य मौसम विज्ञान केंद्रों पर भी न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पालम में न्यूनतम तापमान 20.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो शुक्रवार की तुलना में 4.9 डिग्री कम था, जबकि रिज क्षेत्र में यह 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले दिन से 3.9 डिग्री कम था। पालम और रिज में अधिकतम तापमान क्रमश: 38.6 डिग्री और 41.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश की संभावना नहीं है, हालांकि आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं।

स्काईमेट के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने कहा, “आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने का अनुमान है और शुष्क उत्तर-पश्चिमी हवाओं का असर रहेगा। लू की स्थिति भी बन सकती है।” पूर्वानुमान के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 39 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है जबकि न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार, शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) सुधरकर मध्यम श्रेणी में आ गया है। शनिवार को शाम चार बजे 24 घंटे का औसत एक्यूआई 152 दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को इसी समय एक्यूआई 263 था।

सीपीसीबी के मानकों के अनुसार, एक्यूआई शून्य से 50 के बीच ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

हालांकि, दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली (एक्यूईडब्ल्यूएस) ने अनुमान जताया है कि शनिवार तक एक्यूआई फिर से ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच सकता है और अगले कुछ दिनों तक इसी श्रेणी में बना रह सकता है।

भाषा रवि कांत रवि कांत रंजन

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