दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम से जुड़ा घटनाक्रम
दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम से जुड़ा घटनाक्रम
नयी दिल्ली, पांच जनवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपियों उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया। दिल्ली दंगा मामले में उमर खालिद, शरजील इमाम से जुड़ा घटनाक्रम निम्नलिखित है:
23 फरवरी, 2020: उत्तर-पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़के जिनमें 53 लोग मारे गए और 700 से अधिक लोग घायल हो गए।
28 जनवरी, 2020: नागरिकता (संशोधन) अधिनियम (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान दिए गए भाषणों के लिए शरजील इमाम को गिरफ्तार किया गया।
अगस्त 2020: बड़ी साजिश रचने के मामले में इमाम को गिरफ्तार किया गया।
सितंबर 2020: बड़ी साजिश रचने के मामले में खालिद को गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपियों को भी इसी वर्ष गिरफ्तार किया गया।
16 सितंबर, 2020: 15 आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के संबंधित प्रावधानों के तहत आरोपपत्र दाखिल किया गया।
22 नवंबर, 2020: पहला पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया।
24 फरवरी, 2021: दूसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया।
दो मार्च, 2022: तीसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया गया।
सात जून, 2023: अंतिम आरोपपत्र दाखिल किया गया।
2022: अधीनस्थ अदालत ने आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कीं।
2022-24: कई आरोपी जमानत खारिज करने के अधीनस्थ अदालतों के आदेशों के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचे।
नौ जुलाई 2025: उच्च न्यायालय ने आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपना आदेश सुरक्षित रखा।
दो सितंबर, 2025: दिल्ली उच्च न्यायालय ने खालिद, इमाम और अन्य सह-आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कीं।
10 दिसंबर, 2025: सुनवाई पूरी होने के बाद उच्चतम न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा।
16-29 दिसंबर: दिल्ली की अदालत ने उमर खालिद को उसकी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 15 दिन की अंतरिम जमानत दी।
पांच जनवरी, 2026: उच्चतम न्यायालय ने खालिद और इमाम को जमानत देने से इनकार किया। गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर और अन्य को जमानत दी।
भाषा
सिम्मी मनीषा
मनीषा


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