दिल्ली दंगे : अदालत ने चार आरोपियों के लिए रिहाई के आदेश जारी किए
दिल्ली दंगे : अदालत ने चार आरोपियों के लिए रिहाई के आदेश जारी किए
नयी दिल्ली, सात जनवरी (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा जमानत मिलने के बाद शर्तें पूरी करने वाले चार आरोपियों के रिहाई आदेश बुधवार को जारी किए।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान और मोहम्मद सलीम खान द्वारा दो-दो लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि का मुचलका प्रस्तुत करने पर उनकी रिहाई के आदेश जारी किए।
उच्चतम न्यायालय से सोमवार को जमानत पर रिहाई का आदेश पाने वाले पांच आरोपियों में से एक शादाब अहमद जमानत बाण्ड जमा करने के लिए अदालत में पेश नहीं हुआ।
दिल्ली पुलिस द्वारा सभी जमानतदारों की सत्यापन रिपोर्ट और आरोपियों द्वारा अदालत में दाखिल किए गए दस्तावेजों को प्रस्तुत करने के बाद रिहाई का आदेश जारी किया गया।
अदालत ने कहा कि आरोपियों ने उच्चतम न्यायालय द्वारा लगाई गई जमानत की सभी शर्तों को पूरा कर लिया है।
इससे पहले, अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में उच्चतम न्यायालय से जमानत प्राप्त करने वाले पांच आरोपियों में से चार द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों और जमानतदारों के सत्यापन का आदेश दिया। इसके कारण उनकी रिहाई में देरी हुई।
उच्चतम न्यायालय ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन अन्य पांच आरोपियों को जमानत दे दी थी। अदालत ने दंगों में ‘‘संलिप्तता’’ का हवाला देते हुए कहा कि इस मामले में सभी आरोपी एक समान स्थिति में नहीं हैं।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ ने कहा कि गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत खालिद और इमाम के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है।
शीर्ष अदालत ने सोमवार को पांचों आरोपियों को जमानत देते हुए 11 शर्तें लगाईं। उच्चतम न्यायालय ने कहा था कि यदि शर्तों का उल्लंघन होता है तो निचली अदालत आरोपियों का पक्ष सुनने के बाद जमानत रद्द करने के लिए स्वतंत्र होगी।
न्यायालय ने आरोपियों को निचली अदालत के समक्ष दो लाख रुपये की जमानत राशि और इतनी ही राशि का मुचलका पेश करने का आदेश दिया था।
भाषा आशीष सुरेश
सुरेश

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