शह मात The Big Debate: ‘धर्मांतरण पर दोहरा रुख’.. सख्त हुई सरकार, कानूनी उपाय होंगे कितने कारगार? क्यों मंत्री के निशाने पर है कांग्रेस?

शह मात The Big Debate: प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर सियासत थम ही नहीं रही है। इस बार करारा पलटवार किया है मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने।

शह मात The Big Debate: ‘धर्मांतरण पर दोहरा रुख’.. सख्त हुई सरकार, कानूनी उपाय होंगे कितने कारगार? क्यों मंत्री के निशाने पर है कांग्रेस?

शह मात The Big Debate/image source: facebook

Modified Date: March 13, 2026 / 11:31 pm IST
Published Date: March 13, 2026 11:29 pm IST
HIGHLIGHTS
  • प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर सियासत थम ही नहीं रही है।
  • इस बार करारा पलटवार किया है मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने।
  • बीजेपी का सीधा-सीधा आरोप है कि धर्मांतरण पर लाए जा रहे विधेयक पर कांग्रेस का डबल स्टैंडर्ड साफ नजर आ रहा है।

शह मात The Big Debate: रायपुर: प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर सियासत थम ही नहीं रही है। इस बार करारा पलटवार किया है प्रदेश सरकार के मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने। मंत्री जायसवाल का कहना है कि धर्मांतरण विधेयक पर कांग्रेस का रुख हमेशा तुष्टिकरण की नीति वाला रहा है। कांग्रेस ने हमेशा वोट बैंक की राजनीति की है, जबकि भाजपा ने हमेशा प्रदेश हो या देश लोकहित में काम किया है। बीजेपी का सीधा-सीधा आरोप है कि धर्मांतरण पर लाए जा रहे विधेयक पर कांग्रेस का डबल स्टैंडर्ड साफ नजर आ रहा है। कुल मिलाकर चित भी इनकी, पट भी इनकी। (शह मात The Big Debate) दरअसल बीते दिनों साय कैबिनेट ने ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026’ के प्रारूप को मंजूरी दे दी है। दावा है कि ये नया कानून बल, प्रलोभन, दबाव या कपटपूर्ण धर्मांतरण को पूरी तरह प्रतिबंधित करेगा। सरकार के मुताबिक इस विधेयक का उद्देश्य किसी की व्यक्तिगत आस्था को रोकना नहीं, बल्कि प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना है।

कैसे होंगे नए कानून के प्रावधान

शह मात The Big Debate:  1- पूर्व सूचना देगा होगा- यदि कोई व्यक्ति अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन करना चाहता है, तो उसे जिला मजिस्ट्रेट (DM) को पहले से जानकारी देनी होगी।

2- सार्वजनिक आपत्ति – धर्मांतरण की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी, (शह मात The Big Debate) जिस पर 30 दिनों के भीतर कोई भी व्यक्ति आपत्ति दर्ज करा सकेगा।

3- घर वापसी को लेकर स्थिति साफ- विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति अपने पैतृक धर्म में वापस लौटता है, तो इसे धर्मांतरण की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा।

4- सजा के कड़े प्रावधान- किसी भी प्रकरण में धर्मांतरण पाया गया तो अपराध….संज्ञेय और गैरजमानतीय होगा…ताकि इस पर प्रभावी रोक लग सके।

सजा कैसी होगी ?

अवैध र्मांतरण होने पर –

(सामान्य श्रेणी के व्यक्ति पर ) 7 से 10 वर्ष की जेल / न्यूनतम ₹5 लाख जुर्माना
(नाबालिग, महिला, SC/ST/OBC धर्मांतरण) – 10 से 20 वर्ष की जेल न्यूनतम ₹10 लाख जुर्माना
(सामूहिक धर्मांतरण) – 10 वर्ष से आजीवन कारावासन्यूनतम ₹25 लाख

इन्हे भी पढ़ें:-


लेखक के बारे में

I am a content writer at IBC24 and I have learned a lot here so far and I am learning many more things too. More than 3 years have passed since I started working here. My experience here has been very good.