दिल्ली : 2016 में सड़क दुर्घटना में पैर गंवाने वाली महिला को 1.21 करोड़ रुपये का मुआवजा

दिल्ली : 2016 में सड़क दुर्घटना में पैर गंवाने वाली महिला को 1.21 करोड़ रुपये का मुआवजा

दिल्ली :  2016 में सड़क दुर्घटना में पैर गंवाने वाली महिला को 1.21 करोड़ रुपये का मुआवजा
Modified Date: March 6, 2026 / 07:03 pm IST
Published Date: March 6, 2026 7:03 pm IST

नयी दिल्ली, छह मार्च (भाषा) दिल्ली मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण ने 2016 में एक सड़क दुर्घटना में अपना बायां पैर गंवाने वाली महिला को मुआवजे के तौर पर करीब 1.21 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया।

पीठासीन अधिकारी ऋचा मनचंदा दिल्ली के नरेला निवासी रेणुका बिष्ट द्वारा दायर दावा याचिका पर सुनवाई कर रही थीं।

आठ मार्च, 2016 को एक मोटरसाइकिल ने रेणुका के दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी और इस हादसे में उन्होंने अपना एक पैर गंवा दिया था।

न्यायाधिकरण ने 25 फरवरी को जारी एक आदेश में कहा, “पेश साक्ष्यों के आधार पर यह स्वीकार किया जाता है कि याचिकाकर्ता ने यह साबित कर दिया है कि उसे सड़क दुर्घटना में चोटें आईं, जिसका कारण आरोपी बाइक चालक द्वारा लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाना था।’’

न्यायाधिकरण ने पाया कि रेणुका अपने बेटे को स्कूल से लेने के बाद स्कूटी से घर लौट रही थीं कि तभी तेज रफ्तार से आ रही मोटरसाइकिल ने उनकी स्कूटी को टक्कर मार दी, जिससे वह (रेणुका) और उनका बेटा दोनों गिर गए और उन्हें चोटें आईं।

न्यायाधिकरण ने कहा कि महिला को गंभीर चोटें आईं और बाद में उनके बाएं पैर को घुटने के पास से काटना पड़ा।

न्यायाधिकरण ने कहा, “याचिकाकर्ता के बाएं पैर को घुटने के पास से काटे जाने के बाद अंग में 75 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता हुई। इस प्रकार वह दुर्घटना के बाद सामान्य जीवन का आनंद लेने में असमर्थ होंगी और उनका जीवन निश्चित रूप से प्रभावित हुआ है।”

न्यायाधिकरण ने इसके बाद रेणुका को विभिन्न मदों के अंतर्गत 1.21 करोड़ रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

न्यायाधिकरण ने माना कि दुर्घटना के समय मोटरसाइकिल का बीमा था और बीमा कंपनी को 30 दिन के भीतर मुआवजा राशि जमा करने का निर्देश दिया।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश


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