दिल्ली के स्कूलों को अगले दो वर्षों में अपने बेड़े में 10% ईवी बसें सुनिश्चित करनी होंगी: मसौदा नीति

दिल्ली के स्कूलों को अगले दो वर्षों में अपने बेड़े में 10% ईवी बसें सुनिश्चित करनी होंगी: मसौदा नीति

दिल्ली के स्कूलों को अगले दो वर्षों में अपने बेड़े में 10% ईवी बसें सुनिश्चित करनी होंगी: मसौदा नीति
Modified Date: April 11, 2026 / 05:42 pm IST
Published Date: April 11, 2026 5:42 pm IST

नयी दिल्ली, 11 अप्रैल (भाषा) सरकार की इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति के मसौदे के अनुसार, दिल्ली के स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके बस बेड़े का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा दो साल के भीतर इलेक्ट्रिक बसों में परिवर्तित हो जाए।

नयी नीति में संस्थानों में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को अपनाने के लिए एक स्पष्ट समयसीमा निर्धारित करने का प्रयास किया गया है। मसौदे के अनुसार, नीति की अधिसूचना के तीसरे वर्ष के अंत तक यह लक्ष्य बढ़कर 20 प्रतिशत और 31 मार्च, 2030 तक 30 प्रतिशत हो जाएगा।

यह आदेश पट्टे पर ली गई, स्वामित्व वाली या किराए पर ली गई गाड़ियों सहित संपूर्ण स्कूल बस बेड़े पर लागू होगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि यह परिवर्तन सभी प्रकार के संचालन को कवर करता है।

शिक्षा विभाग सभी स्कूलों में नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार होगा। मसौदा नीति के अनुसार, विभाग आवश्यक निर्देश जारी करेगा, आवश्यकताओं को स्कूल मान्यता और संबद्धता प्रक्रियाओं में एकीकृत करेगा और परिवहन विभाग के समन्वय से अनुपालन की निगरानी करेगा।

मसौदे में स्कूलों में नियमित जागरूकता अभियान और शैक्षिक अभियान चलाने का भी आह्वान किया गया है ताकि छात्रों, शिक्षकों और प्रबंधन को वायु प्रदूषण, स्वास्थ्य और पर्यावरण पर इसके प्रभावों और राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में संवेदनशील बनाया जा सके।

एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, 2026-2030 के लिए नयी इलेक्ट्रिक वाहन नीति का मसौदा परिवहन विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है और अगले 30 दिनों तक जनता से प्रतिक्रिया और टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं।

भाषा प्रशांत पवनेश

पवनेश


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