दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगभग तीन महीने बाद ‘खराब’ श्रेणी में

दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगभग तीन महीने बाद 'खराब' श्रेणी में

दिल्ली की वायु गुणवत्ता लगभग तीन महीने बाद ‘खराब’ श्रेणी में
Modified Date: October 14, 2025 / 08:32 pm IST
Published Date: October 14, 2025 8:32 pm IST

नयी दिल्ली, 14 अक्टूबर (भाषा) सर्दियों के आगमन के साथ ही दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगभग तीन महीने के बाद ‘खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है तथा वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) ‘211’ दर्ज किया गया है।

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (डीपीसीसी) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में पिछली बार 11 जुलाई को वायु गुणवत्ता सूचकांक ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया था। उसके बाद से मानसून की बारिश के कारण शहर में प्रदूषण के स्तर में कुछ कमी आयी थी लेकिन मौसम के बदलते मिजाज और सर्दियों की शुरुआत के साथ ही प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ने लगा है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शून्य से 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 से 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 से 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 से 300 के बीच ‘खराब’, 301 से 400 के बीच ‘बहुत खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ माना जाता है।

दिल्ली अक्टूबर से फरवरी के बीच वायु प्रदूषण के उच्च स्तर से जूझती है। इस अवधि के दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक अक्सर “गंभीर” श्रेणी तक पहुंच जाता है।

निर्णय सहायता प्रणाली (डीएसएस) के आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में कुल प्रदूषण का सबसे बड़ा हिस्सा परिवहन क्षेत्र से होता है, जो कुल उत्सर्जन में लगभग 19.8 प्रतिशत योगदान देता है।

इसके अतिरिक्त, दिल्ली के लिए वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार, शुक्रवार तक वायु गुणवत्ता ‘खराब’ श्रेणी में रहने की आशंका है।

इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली में अधिकतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से 0.6 डिग्री कम 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आईएमडी ने बुधवार को आसमान साफ ​​रहने तथा न्यूनतम और अधिकतम तापमान क्रमश: 19 और 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना जतायी है।

भाषा राखी नरेश

नरेश


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