चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की राज्यसभा में उठी मांग

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की राज्यसभा में उठी मांग

चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने की राज्यसभा में उठी मांग
Modified Date: March 16, 2026 / 07:28 pm IST
Published Date: March 16, 2026 7:28 pm IST

नयी दिल्ली, 16 मार्च (भाषा) राज्यसभा में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिए जाने की मांग की और कहा कि इससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

वाजपेयी ने उच्च सदन में विशेष उल्लेख के जरिए यह मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना 1965 ईस्वी में हुई थी और यह उत्तर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का प्रमुख केंद्र है।

उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय से बड़ी संख्या में महाविद्यालय संबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश देश का एक प्रमुख शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्र है किंतु यहां अभी तक कोई केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं हुई है।

वाजपेयी ने कहा कि चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने से शिक्षा की गुणवत्ता और शोध गतिविधियों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा वहीं क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन, आधुनिक प्रयोगशालाएं और उच्च स्तरीय शिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगे।

विशेष उल्लेख के जरिए ही भाजपा के बृजलाल, अजीत माधवराव गोपछड़े, महेंद्र भट्ट, शंभु शरण पटेल, भाकपा सदस्य संदोष कुमार पी, कांग्रेस की जेबी माथेर हीशम और सैयद नसीर हुसैन, राकांपा (शप) की फौजिया खान ने भी लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।

भाषा अविनाश माधव

माधव


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