यादवपुर विश्वविद्यालय की पट्टिका तोड़ना अतिवामपंथी, नक्सली तत्वों की साजिश: एबीवीपी

यादवपुर विश्वविद्यालय की पट्टिका तोड़ना अतिवामपंथी, नक्सली तत्वों की साजिश: एबीवीपी

यादवपुर विश्वविद्यालय की पट्टिका तोड़ना अतिवामपंथी, नक्सली तत्वों की साजिश: एबीवीपी
Modified Date: August 21, 2026 / 06:22 pm IST
Published Date: August 21, 2026 6:22 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

कोलकाता, 21 अगस्त (भाषा) यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबंद्ध छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और एसएफआई के छात्र गुटों के बीच झड़प के एक दिन बाद शुक्रवार को एबीवीपी ने दावा किया कि जेयू के गेट पर नंदलाल बोस की बनाई ऐतिहासिक पट्टिका को तोड़ना ‘‘जानबूझकर किया गया कृत्य’’ था।

एबीवीपी ने इसके लिए वामपंथी संगठनों स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) और रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट्स फ्रंट (आरएसएफ) को जिम्मेदार ठहराते हुए आरोप लगाया कि यह सब ‘‘विश्वविद्यालय की विरासत, संस्कृति और भारतीय सभ्यता के मूल्यों को कमजोर करने के इरादे से किया गया था।’’

एबीवीपी ने एक बयान में कहा, ‘‘यादवपुर विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक पट्टिका पर बनी कमल की पंखुड़ियां भारत की पारंपरिक और सांस्कृतिक विरासत का एक अहम हिस्सा हैं। अति-वामपंथी और नक्सली राजनीति ने ऐतिहासिक रूप से ऐसे प्रतीकों के प्रति दुश्मनी दिखाई है। इसी सोच का इस्तेमाल जानबूझकर तनाव और अव्यवस्था पैदा करने के लिए किया गया और फिर हालात का फायदा उठाकर ऐतिहासिक पट्टिका को नुकसान पहुंचाया गया…।’’

वहीं, एसएफआई और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (डीएसओ) ने आरोप लगाया कि जब एबीवीपी के उग्र कार्यकर्ता बृहस्पतिवार को यादवपुर विश्वविद्यालय के बंद द्वार संख्या चार पर चढ़ने की कोशिश कर रहे थे तब उन्होंने ही इस प्रतीक को तोड़ा।

एबीवीपी ने आरोप लगाया कि संकाय का एक वर्ग वामपंथियों की एक बड़ी राजनीतिक साजिश के तहत संगठन को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है।

एबीवीपी के पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव नीलकंठ भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘यह कोई अकेली घटना नहीं है। यादवपुर विश्वविद्यालय में भारतीय संस्कृति, विरासत और राष्ट्रवादी सोच के प्रतीकों को बार-बार विवादों में घसीटने की कोशिशें इस तरह की प्रवृत्ति का हिस्सा हैं। इस घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाना चाहिए।’’

एबीवीपी ने सवाल किया कि ऐतिहासिक पट्टिका कैसे टूटी? घटना के समय मौके पर कौन-कौन मौजूद था? वहां जमा लोगों को किसने उकसाया? और किसके कहने पर विश्वविद्यालय की विरासत को निशाना बनाया गया?

आरएसएस से संबद्ध छात्र संगठन ने कहा, ‘‘इन सभी सवालों की निष्पक्ष जांच बहुत जरूरी है।’’

भाषा सुरभि पवनेश

पवनेश


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