विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय भारतीय सभ्यता का अभिन्न अंग: मुख्यमंत्री भजनलाल

विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय भारतीय सभ्यता का अभिन्न अंग: मुख्यमंत्री भजनलाल

विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय भारतीय सभ्यता का अभिन्न अंग: मुख्यमंत्री भजनलाल
Modified Date: February 22, 2026 / 06:09 pm IST
Published Date: February 22, 2026 6:09 pm IST

जयपुर, 22 फरवरी (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को कहा कि विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय भारतीय सभ्यता का अभिन्न अंग हैं और राज्य सरकार उनके कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है।

शर्मा ने अंबाबाड़ी में विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदाय के अधिकारियों, कर्मचारियों और बुद्धिजीवियों के राज्यस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू समुदायों के सशक्तीकरण के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

उन्होंने बताया कि घुमंतू समुदाय के परिवारों को आश्रय उपलब्ध कराने के लिए आवासीय पट्टे वितरित किए गए और इन परिवारों के बच्चों की शिक्षा के लिए छात्रावास की व्यवस्था की गई।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 2026-27 के बजट के तहत “राज पहल” कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसका उद्देश्य घुमंतू समुदायों के बच्चों की शिक्षा को सुदृढ़ करना है।

उन्होंने कहा, ‘‘पहले चरण में प्रत्येक जिले में एक ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ स्थापित किया जाएगा। यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रवासन प्रभावित क्षेत्रों में अस्थायी शिक्षा शिविर भी स्थापित किए जाएंगे और छह माह के स्कूल ‘रेडीनेस कैंप’ चलाए जाएंगे ताकि प्रवासन के कारण नियमित पढ़ाई से वंचित बच्चों को मुख्यधारा में लाया जा सके।

शर्मा ने कहा कि घुमंतू समुदायों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और समुदाय के युवाओं से राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

भाषा बाकोलिया धीरज

धीरज


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