डेरिवेटिव बाजार बना जुए का खेल, ऐप के जरिये आम लोगों को कर्जदार बनाया जा रहा: भाजपा सांसद
डेरिवेटिव बाजार बना जुए का खेल, ऐप के जरिये आम लोगों को कर्जदार बनाया जा रहा: भाजपा सांसद
नयी दिल्ली, 24 मार्च (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक सांसद ने मंगलवार को लोकसभा में दावा किया कि ‘डेरिवेटिव’ बाजार जुए का खेल हो गया है और उसके जरिये आम लोगों को काफी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा है।
भाजपा के राव राजेंद्र सिंह ने वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि आम लोगों को शेयर बाजार से जुड़े ऐप और डिजिटल मंचों के माध्यम से कर्जदार बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि डेरिवेटिव बाजार को देखें तो वायदा एवं विकल्प (एफ एंड ओ) के माध्यम से जिस प्रकार की गतिविधि हो रही है, सामान्य व्यक्ति को ऐप के माध्यम से और डिजिटल मंचों के जरिये कर्जदार बनाया जा रहा है।’’
उन्होंने दावा किया, ‘‘डेरिवेटिव बाजार जुए का खेल हो गया है और निवेश करने वाला सामान्य व्यक्ति प्रभावित हो रहा है। लोगों को एक लाख करोड़ रुपये का घाटा हो चुका है।’’
सिंह ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में, अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकने के लिए विकल्प सौदों में विकल्प प्रीमियम और विकल्प के प्रयोग पर प्रतिभूति लेनदेन कर (एसटीटी) बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत किया गया है।
भाजपा सांसद ने पश्चिम एशिया संकट का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए कहा कि वैश्विक पटल पर विभिन्न देशों के भीतर और उनके नेताओं के नेतृत्व में ‘‘कानून का शासन’’ हुआ करता था तथा विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्ष विवेक के आधार पर निर्णय लेते थे।
उन्होंने कहा, ‘‘अब किसी प्रकार का नियम-कायदा नहीं रहा। विवेक को दरकिनार कर दिया गया है और एक केंद्रित रुख पर आधारित निर्णय लिये जा रहे हैं।’’
भाजपा के ही जगदंबिका पाल ने कहा कि भारत में बनने वाले डेटा सेंटर से लाखों लोगों को नौकरियां मिलेंगी। उन्होंने कहा कि विश्व में अमेरिका और चीन के बाद, वर्तमान में भारत ही ऐसा तीसरा देश है जो डेटा सेंटर स्थापित कर रहा है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वित्त वर्ष 2014 में आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या 3.05 करोड़ थी जो 2024 में बढ़ कर 6.97 करोड़ हो गई है।
भाषा सुभाष अजय
सुभाष

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