Road Accident Report 2025: कब्र बन चुकी है इस राज्य की सड़कें.. 2025 में 1600 से ज्यादा लोगों ने गंवाई अपनी जान, आंकड़े पढ़कर रह जायेंगे हैरान..

New Delhi Road Accident Report 2025: पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बढ़ती मृत्यु दर यातायात घनत्व में वृद्धि, वाहनों की औसत गति में वृद्धि और शराब पीकर गाड़ी चलाना, ओवरस्पीडिंग, लाल बत्ती जंप करना और हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने जैसे लगातार उल्लंघनों को दर्शाती है।

Road Accident Report 2025: कब्र बन चुकी है इस राज्य की सड़कें.. 2025 में 1600 से ज्यादा लोगों ने गंवाई अपनी जान, आंकड़े पढ़कर रह जायेंगे हैरान..

Road Accident Report 2025 || Image- ANI News File

Modified Date: January 17, 2026 / 12:00 pm IST
Published Date: January 17, 2026 11:32 am IST
HIGHLIGHTS
  • 2025 में दिल्ली में 1617 लोगों की सड़क हादसों में मौत
  • सात वर्षों में सबसे अधिक घातक दुर्घटनाएं दर्ज
  • ओवरस्पीडिंग और ट्रैफिक उल्लंघन बड़ी वजह

नई दिल्ली: नए साल की शुरुआत हो चुकी है। इस बीच पिछले साल यानी 2025 में देश की राजधानी दिल्ली में हुए सड़क हादसे और इनमें हुई मौतों का आंकड़ा जारी कर दिया गया है। बताया गया है कि, पिछले वर्ष दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं में 1,600 से अधिक लोगों की जान चली गई, जो पिछले सात वर्षों में राष्ट्रीय राजधानी में दर्ज की गई मौतों की सबसे अधिक संख्या है। (New Delhi Road Accident Report 2025) सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों का यह आंकड़ा हर किसी को चिंता में डालने वाला है।

सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या में मामूली वृद्धि

31 दिसंबर तक इकट्ठे किये गये सड़क दुर्घटना आंकड़ों के विश्लेषण के मुताबिक, दिल्ली में 2025 में 1,578 घातक दुर्घटनाओं में 1,617 मौतें दर्ज की गईं। यह 2019 के बाद से सबसे अधिक मृत्यु दर थी और 2024 की तुलना में इसमें बड़ा इजाफा हुआ है। 2019 में 1,504 दुर्घटनाओं में 1,551 लोगों की मृत्यु हुई थी। प्रतिशत के हिसाब से, घातक दुर्घटनाओं में 4.92 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि मौतों में पिछले वर्ष की तुलना में 4.26 प्रतिशत की वृद्धि हुई। आंकड़ों से पता चला कि सड़क दुर्घटनाओं की कुल संख्या में मामूली 0.57 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो 2024 में 5,657 से बढ़कर 2025 में 5,689 हो गई।

गैर-चोट वाली दुर्घटनाओं में 27.4 प्रतिशत की भारी गिरावट

हालांकि, दुर्घटनाओं की गंभीरता में बढ़ोतरी हुई है। इसमें मामूली दुर्घटनाओं की तुलना में मौतों और गंभीर चोटों में तेजी से वृद्धि हुई। सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों की संख्या 2024 में 5,224 से बढ़कर 2025 में 5,314 हो गई, जो 1.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। इसके विपरीत, गैर-चोट वाली दुर्घटनाओं में 27.4 प्रतिशत की भारी गिरावट आई, जो 2024 में 84 मामलों से घटकर 2025 में 61 रह गईं। मामूली चोटों वाली दुर्घटनाओं में भी 0.5 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई, जो 4,069 मामलों से घटकर 4,050 मामले हो गईं।

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वर्ष 2021 में घातक दुर्घटनाओं की संख्या 1,206 थी, जो 2022 में बढ़कर 1,428 और 2023 में 1,432 हो गई। इसके बाद, यह संख्या 2024 में बढ़कर 1,504 हो गई और 2025 में 1,578 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसी प्रकार, मौतों की संख्या 2021 में 1,239 से बढ़कर 2022 में 1,461, 2023 में 1,457, 2024 में 1,551 और अंततः 2025 में 1,617 हो गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बढ़ती मृत्यु दर यातायात घनत्व में वृद्धि, वाहनों की औसत गति में वृद्धि और शराब पीकर गाड़ी चलाना, ओवरस्पीडिंग, लाल बत्ती जंप करना और हेलमेट और सीट बेल्ट न पहनने जैसे लगातार उल्लंघनों को दर्शाती है।

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