धामी ने देहरादून से सोमनाथ के लिए विशेष रेलयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
धामी ने देहरादून से सोमनाथ के लिए विशेष रेलयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया
(फोटो के साथ)
देहरादून, 13 जुलाई (भाषा) उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के उपलक्ष्य में सोमवार को देहरादून से गुजरात के वेरावल (सोमनाथ) के लिए विशेष रेल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यहां हर्रावाला रेलवे स्टेशन से छह दिवसीय विशेष रेल यात्रा को रवाना करते हुए मुख्यमंत्री ने यात्रा में शामिल 700 श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं और भगवान सोमनाथ तथा केदारनाथ से उनकी सुरक्षित एवं सुखद यात्रा की कामना की।
इस यात्रा में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं, विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी, संत समाज के प्रतिनिधि तथा समाज के अन्य वर्गों के लोग शामिल हैं।
इस अवसर पर धामी ने कहा कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि राष्ट्र के स्वाभिमान, सांस्कृतिक चेतना और सनातन परंपराओं से जुड़ने का सशक्त माध्यम है।
द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारत की अटूट आस्था, अदम्य विश्वास और पुनरुत्थान का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि अनेक आक्रमणों और विध्वंस के बावजूद सोमनाथ ने पूरे विश्व को यह संदेश दिया है कि भारत हर चुनौती के बाद और अधिक शक्ति तथा संकल्प के साथ आगे बढ़ता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ राष्ट्रबोध और सांस्कृतिक गौरव का अनुभव कराने वाला एक विशेष अवसर है।
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में अभूतपूर्व सांस्कृतिक पुनर्जागरण का दौर चल रहा है।
उन्होंने कहा कि अयोध्या से सोमनाथ, केदारनाथ से काशी विश्वनाथ, महाकाल से बदरीनाथ धाम तक मंदिरों के व्यापक पुनरुद्धार और विकास ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को नई ऊर्जा प्रदान की है।
उन्होंने कहा कि जिन धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों की लंबे समय तक उपेक्षा हुई, उन्हें आज पुनः सम्मान और गौरव प्राप्त हो रहा है, जो बदलते भारत की नयी तस्वीर प्रस्तुत करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने बताया कि इसके तहत केदारखंड और मानसखंड के मंदिर क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है तथा हरिपुर कालसी स्थित यमुनातीर्थ का पुनरुद्धार भी किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हरिद्वार-ऋषिकेश गलियारा और शारदा गलियारा जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी कार्य किया जा रहा है। साथ ही भारतीय संस्कृति, दर्शन और इतिहास के गहन अध्ययन एवं शोध को बढ़ावा देने के लिए दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिन्दू स्टडीज’ की स्थापना की गई है।
भाषा
दीप्ति रवि कांत

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