राजग में लौटी दिनाकरन की पार्टी एएमएमके, पलानीस्वामी ने किया स्वागत

राजग में लौटी दिनाकरन की पार्टी एएमएमके, पलानीस्वामी ने किया स्वागत

राजग में लौटी दिनाकरन की पार्टी एएमएमके, पलानीस्वामी ने किया स्वागत
Modified Date: January 21, 2026 / 05:49 pm IST
Published Date: January 21, 2026 5:49 pm IST

चेन्नई, 21 जनवरी (भाषा) तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव से पहले टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाली अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) बुधवार को फिर से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल हो गई।

एएमएमके कुछ महीने पहले अन्नाद्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन पर ‘धोखेबाजी’ का आरोप लगाकर गठबंधन से बाहर निकल गई थी।

अन्नाद्रमुक में काफी समय से जारी कई विवादों के बाद, इस विवाद के शांत होने के संकेत दिख रहे हैं। इसी के तहत पार्टी प्रमुख ई. के. पलानीस्वामी ने दिनाकरन का राजग में स्वागत किया।

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एएमएमके के संस्थापक ने भी “दिल से धन्यवाद” कहा, लेकिन यह भी स्वीकार किया कि अन्नाद्रमुक और उनके बीच “भाईयों” के जैसी लड़ाई थी। दिनाकरन पहले अन्नाद्रमुक में भी रह चुके हैं।

दिनाकरन ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की और औपचारिक रूप से दोबारा राजग में शामिल हो गए।

दिनाकरन का स्वागत करते हुए गोयल ने कहा कि राजग साथ मिलकर तमिलनाडु में द्रमुक गठबंधन को हराएगा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने पत्रकारों को बताया कि वह व्यक्तिगत रूप से बहुत खुश हैं कि उनके मित्र और वरिष्ठ नेता दिनाकरन राजग परिवार में लौट आए हैं।

उन्होंने कहा कि दिनाकरन 2004-2007 के दौरान उनके पिता के साथ राज्यसभा सदस्य रहे थे और तब से उन्होंने दिनाकरन के अच्छे काम, लोकप्रियता और नेतृत्व कौशल को देखा है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के प्रभारी गोयल ने कहा कि अन्नाद्रमुक के नेता पलानीस्वामी, पीएमके के अंबुमणि रामदास और राजग के अन्य सभी सहयोगी मिलकर भ्रष्ट द्रमुक सरकार को हटाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

अंबुमणि नेतृत्व वाले पीएमके के गुट ने सात जनवरी को राजग में शामिल होने की घोषणा की थी। एएमएमके की राजग में वापसी के समय गोयल के साथ मौजूद नहीं रहे पलानीस्वामी ने दिनाकरन का गठबंधन में स्वागत किया।

अन्नाद्रमुक के महासचिव ने कहा कि दिनाकरन “दुष्ट शक्ति” द्रमुक के तानाशाही शासन को उखाड़ फेंकने, उसकी वंशवादी राजनीति को खत्म करने और फिर से अम्मा (जे. जयललिता) का स्वर्णिम शासन लाने के लिए राजग में शामिल हुए हैं।

पलानीस्वामी ने कहा कि लोगों के कल्याण को लक्ष्य बनाकर वे सभी मिलकर जनता को बचाने और द्रमुक के परिवारवादी शासन से तमिलनाडु को मुक्ति दिलाने के लिए एकजुट हों।

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने एएमएमके के राजग में शामिल होने का स्वागत किया और कहा कि उन्हें इससे बहुत खुशी मिली है।

उन्होंने कहा कि एएमएमके महासचिव दिनाकरन के गहन राजनीतिक अनुभव और कुशल रणनीतियां आगामी विधानसभा चुनावों में जनविरोधी द्रमुक शासन को हटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

राजग में शामिल होने के अपने फैसले पर दिनाकरन ने कहा कि अन्नाद्रमुक के साथ उनके बीच केवल “भाईयों जैसी प्रतिद्वंद्विता” थी।

उन्होंने कहा, “जो लोग समझौता करते हैं, वे हारते नहीं। उनके और अन्नाद्रमुक के बीच जो भी था, वह केवल भाइयों जैसी लड़ाई थी। वे एकजुट होकर तमिलनाडु में जनता की सरकार बनाने के लिए काम करेंगे।

पलानीस्वामी की ओर से स्वागत किए जाने पर दिनाकरन ने कहा कि वह पूर्व मुख्यमंत्री का दिल से धन्यवाद करते हैं।

दिनाकरन ने सितंबर 2025 में राजग छोड़ दिया था और “धोखेबाजी” का आरोप लगाया था, लेकिन किसी का नाम नहीं लिया था।

पूर्व सांसद दिनाकरन और दिवंगत मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी रहीं उनकी चाची वी.के. शशिकला को 2017 में पलानीस्वामी के अन्नाद्रमुक सह-समन्वयक और पन्नीरसेल्वम के समन्वयक रहते हुए पार्टी से निकाल दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि पन्नीरसेल्वम को भी 2022 में पार्टी की महापरिषद ने निकाल दिया था। बाद में दिनाकरन ने एएमएमके की स्थापना की और 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले राजग का हिस्सा भी रहे।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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