कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी चर्चा सिर्फ अटकलबाजी: कांग्रेस

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी चर्चा सिर्फ अटकलबाजी: कांग्रेस

कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन से जुड़ी चर्चा सिर्फ अटकलबाजी: कांग्रेस
Modified Date: May 26, 2026 / 08:46 pm IST
Published Date: May 26, 2026 8:46 pm IST

नयी दिल्ली, 26 मई (भाषा) कांग्रेस ने मंगलवार को कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा को अटलबाजी करार दिया और कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ आलाकमान की बैठक में सिर्फ राज्यसभा एवं विधान परिषद के चुनावों को लेकर चर्चा की गई।

पार्टी मुख्यालय ‘इंदिरा भवन’ में चली मैराथन बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी रणदीप सुरजेवाला शामिल थे।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यह बैठक बुलाई थी।

ऐसी चर्चा है कि पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को राज्यसभा भेजने और डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाने का फार्मूला सुझाया, लेकिन मुख्यमंत्री ने इसे अस्वीकार कर दिया। बहरहाल, कांग्रेस की ओर से इसकी कोई पुष्टि नहीं की गई है।

इस बैठक के बाद वेणुगोपाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पूरी चर्चा आगामी राज्यसभा चुनाव और कर्नाटक के विधान परिषद चुनाव पर ही केंद्रित रही। आप लोग (मीडिया) जो भी अनुमान लगा रहे हैं, वह केवल अटकलबाजी है। इसमें बिल्कुल भी वास्तविकता नहीं है।’’

उनका कहना था, ‘‘कर्नाटक से राज्यसभा सीटों के चुनाव और विधान परिषद चुनाव के उम्मीदवारों की घोषणा अन्य राज्यों के उम्मीदवारों के साथ ही की जाएगी… हमने आज यही निर्णय लिया है और कुछ भी नहीं।’’

कर्नाटक में खाली हो रही राज्यसभा की चार सीट में से कांग्रेस तीन और भाजपा एक सीट जीतने की स्थिति में है।

खरगे का राज्यसभा सदस्य के तौर पर कार्यकाल खत्म हो रहा है और उनके कर्नाटक से ही एक बार फिर चुने जाने की संभावना है।

सूत्रों का कहना है कि यदि सिद्धरमैया पद पर बने रहते हैं तो फिर पार्टी शिवकुमार के भाई डीके सुरेश को राज्यसभा भेज सकती है। इसके साथ की पिछड़े वर्ग के किसी नेता या महिला को तीसरे उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतार सकती है।

राज्य विधानसभा में कांग्रेस के संख्या बल को देखते हुए विधान परिषद की सात रिक्त सीट में से कांग्रेस को चार सीट मिलने की संभावना है।

कर्नाटक में 20 मई को कांग्रेस सरकार के तीन साल पूरे होने के बाद से नेतृत्व परिवर्तन और मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर अटकलें जारी हैं।

शिवकुमार के समर्थक 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ ढाई-ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री बनने को लेकर हुए कथित समझौते के तहत उनकी (शिवकुमार) पदोन्नति पर जोर दे रहे हैं।

सिद्धरमैया ने कहा है कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा करेंगे।

उधर शिवकुमार ने लगातार यही कहा है कि वह कांग्रेस नेतृत्व के फैसले का पालन करेंगे और मुख्यमंत्री पद पर परिवर्तन के संबंध में परिणाम समय के साथ पता चल जाएगा।

भाषा हक माधव

माधव


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