जम्मू, 31 जुलाई (भाषा) पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) से विस्थापित हुए सैकड़ों लोगों ने शुक्रवार को यहां प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कब्जे वाले क्षेत्र के निवासियों पर पाकिस्तानी सेना के कथित अत्याचार का विरोध किया और भारत सरकार से इस क्षेत्र को मुक्त कराने की दिशा में कदम उठाने की अपील की।
जम्मू में एसओएस इंटरनेशनल की ओर से आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष राजीव चुन्नी ने किया। यह संगठन पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) से विस्थापित लोगों के अधिकारों और मुद्दों को उठाता है। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर और पाकिस्तान तथा उसके सैन्य नेतृत्व के खिलाफ नारे लगाते हुए पीओजेके को भारत में शामिल करने की मांग की।
चुन्नी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने पीओजेके के लोगों का दमन और शोषण किया है। उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि वह ‘‘पाकिस्तान के कब्जे से पीओजेके को मुक्त कराने और इसे भारत में शामिल करने’’ के लिए कदम उठाए।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम भारत सरकार से आग्रह करते हैं कि वह पाकिस्तान के कब्जे से पीओजेके को मुक्त कराने और इसे हमारे देश में शामिल करने के लिए कदम उठाए।’’
उन्होंने दावा किया कि कब्जे वाले क्षेत्र के लोगों को यह एहसास हो गया है कि पाकिस्तान ‘‘भरोसेमंद नहीं है।’’ उन्होंने कहा कि यह वही चिंताएं हैं जो 1947 में विभाजन के दौरान इस क्षेत्र से पलायन करने वाले लोगों ने भी जताई थीं।
इस क्षेत्र में पाकिस्तान के रुख पर सवाल उठाते हुए चुन्नी ने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद भले ही पीओजेके को अपने अलग संस्थानों वाले एक अलग क्षेत्र के रूप में पेश करता है, लेकिन वहां चुनावों में पाकिस्तान की मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियां हिस्सा लेती हैं।
उन्होंने सवाल किया, ‘‘अगर यह क्षेत्र वास्तव में स्वतंत्र है तो वहां पाकिस्तान की राजनीतिक पार्टियां चुनाव क्यों लड़ रही हैं? वहां के लोगों को अपना भविष्य तय करने का अधिकार क्यों नहीं दिया जा रहा है?’’
भाषा आशीष पवनेश
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